राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026
- 13 Aug 2026
12 अगस्त, 2026 को राज्य सभा द्वारा पारित किये जाने के साथ ही राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई। लोक सभा इसे पहले ही 11 अगस्त, 2026 को पारित कर चुकी है।
मुख्य बिंदु
- उद्देश्य: विधेयक का उद्देश्य NCDC की भूमिका का विस्तार करना तथा सहकारी क्षेत्र के लिए वित्तपोषण को अधिक लचीला बनाना है।
- प्रत्यक्ष वित्तपोषण: NCDC अब सहकारी समितियों तथा सहकारी विकास से जुड़ी संस्थाओं को सीधे ऋण एवं अनुदान प्रदान कर सकता है।
- राज्य सरकारों के माध्यम से वित्तपोषण: राज्य सरकारें सहकारी विकास से जुड़ी किसी भी संस्था को NCDC से प्राप्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करा सकती हैं।
- NCDC: राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की स्थापना 1963 में सहकारी क्षेत्र के संगठित एवं सतत विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।
- सहकारी नेटवर्क: भारत में 8 लाख से अधिक सहकारी समितियाँ हैं, जिनसे लगभग 30 करोड़ सदस्य जुड़े हुए हैं। इससे भारत का सहकारी क्षेत्र विश्व के सबसे बड़े सहकारी नेटवर्कों में से एक बन गया है।
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