सर्वोच्च न्यायालय ने NTA में संस्थागत सुधार पर जोर दिया
- 20 Aug 2026
19 अगस्त, 2026 को सर्वोच्च न्यायालय ने भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोकने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को मजबूत अवसंरचना, साइबर सुरक्षा एवं स्थायी परीक्षा तंत्र के साथ संस्थागत रूप देने की आवश्यकता दोहराई।
मुख्य बिंदु
- NTA सुधार: न्यायालय ने ऐसी सुदृढ़ परीक्षा संस्था की आवश्यकता पर जोर दिया, जो विशेषज्ञता को बनाए रखने तथा तकनीकी बदलावों के अनुरूप स्वयं को ढालने में सक्षम हो।
- सुरक्षित अवसंरचना: न्यायालय ने समर्पित परीक्षा केंद्रों, सुरक्षित अवसंरचना एवं मजबूत साइबर सुरक्षा प्रणालियों की आवश्यकता पर बल दिया।
- स्थायी तंत्र: न्यायालय ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सहित परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए स्थायी तंत्र विकसित करने के संबंध में जानकारी मांगी।
- नंदन नीलेकणि समिति: न्यायालय ने नंदन नीलेकणि समिति द्वारा आगे परिष्कृत की गई सिफारिशों के क्रियान्वयन का विवरण भी मांगा।
- प्रश्नपत्र सुरक्षा: न्यायालय ने प्रश्नपत्रों को स्थायी रूप से सुरक्षित एवं सीलबंद रखने के उपायों पर विशेष रूप से जानकारी मांगी।
- वरिष्ठ अधिकारी: न्यायालय ने NTA में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति तथा संस्थागत विशेषज्ञता विकसित करने के संबंध में भी विवरण मांगा।
- मौजूदा सुरक्षा उपाय: केंद्र सरकार ने बताया कि प्रश्नपत्रों को CCTV एवं CISF की निगरानी में सीलबंद बक्सों में ले जाया जाता है।
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