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भारत-न्यूजीलैंड FTA 20 अक्टूबर 2026 से होगा लागू
- 22 Sep 2026
21 सितंबर, 2026 को भारत और न्यूजीलैंड ने घोषणा की कि दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 20 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा। दोनों पक्ष आवश्यक घरेलू प्रक्रियाएं पूरी कर चुके हैं। न्यूजीलैंड सरकार ने भी लागू होने की इसी तारीख की आधिकारिक पुष्टि की है।
मुख्य तथ्य
- समझौते पर हस्ताक्षर: भारत-न्यूजीलैंड FTA पर 27 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए थे।
- न्यूजीलैंड की मंजूरी: न्यूजीलैंड की संसद ने FTA को लागू करने संबंधी कानून 16 सितंबर, 2026 को 93-29 मतों से पारित किया।
- भारतीय निर्यात को लाभ: समझौता लागू होते ही न्यूजीलैंड अपनी 100% टैरिफ लाइनों पर भारतीय निर्यात को शून्य-शुल्क बाजार पहुंच देगा। इससे कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्रसंस्कृत कृषि उत्पाद सहित कई क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है।
- भारत की टैरिफ पेशकश: भारत ने न्यूजीलैंड के लिए लगभग 70.03% टैरिफ लाइनों पर रियायत दी है, जो द्विपक्षीय व्यापार मूल्य के लगभग 95% को कवर करती हैं; शेष लगभग 29.97% टैरिफ लाइनों को अपवर्जन सूची में रखा गया है।
- संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा: भारत ने डेयरी, कई प्रमुख कृषि एवं पशु उत्पाद, चीनी तथा कुछ वसा एवं तेलों जैसे संवेदनशील उत्पादों को टैरिफ रियायतों से बाहर रखा है। सेब, कीवी और शहद जैसे कुछ उत्पादों के लिए टैरिफ-रेट कोटा व्यवस्था है।
- कृषि सहयोग: समझौते में कीवी, सेब और शहद के लिए कृषि उत्पादकता कार्ययोजनाओं, उत्कृष्टता केंद्रों, बेहतर रोपण सामग्री, अनुसंधान और किसानों की क्षमता निर्माण का प्रावधान है।
- निवेश प्रतिबद्धता: न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश को सुगम बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे कृषि, विनिर्माण, बुनियादी ढांचे और स्टार्ट-अप जैसे क्षेत्रों को अवसर मिल सकते हैं।
- सेवा क्षेत्र: समझौता आईटी/आईटीईएस, पेशेवर सेवाओं, शिक्षा और व्यावसायिक सेवाओं सहित भारतीय सेवा प्रदाताओं के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में पहुंच को विस्तारित करता है।


