राष्ट्रीय फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया 2026 का 7वां संस्करण जारी

  • 22 Sep 2026

21 सितंबर, 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया (NFI) 2026 के 7वें संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सरकार द्वारा स्वीकृत बायोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया की भी घोषणा की गई।

मुख्य तथ्य

  • NFI 2026: भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) द्वारा तैयार NFI 2026 में 34 अध्याय, 20 परिशिष्ट और 653 औषधियां शामिल हैं, जिनमें 42 फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन और 30 इम्यूनोलॉजिकल्स शामिल हैं। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य पेशेवरों को दवाओं के तर्कसंगत, सुरक्षित और साक्ष्य-आधारित उपयोग में मार्गदर्शन देना है।
  • बायोविजिलेंस कार्यक्रम: सरकार ने बायोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया को मंजूरी दी है। इसके तहत IPC अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण से संबंधित प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग, मूल्यांकन, निगरानी और रोकथाम में प्रमुख भूमिका निभाएगा। यह फार्माकोविजिलेंस और मैटेरियोविजिलेंस के साथ रोगी सुरक्षा प्रणाली का दायरा बढ़ाएगा।
  • डिजिटल सुरक्षा पहल: कार्यक्रम में चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए अस्पतालों हेतु मार्गदर्शन दस्तावेज और iOS के लिए ADR-PvPI 2.0 मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया गया। NFI 2026 को डिजिटल रूप में भी उपलब्ध कराया गया है।
  • ADR निगरानी नेटवर्क: देश के सरकारी एवं निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लगभग 1,150 प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया (ADR) रिपोर्टिंग केंद्र कार्यरत हैं। सरकार की योजना इस निगरानी व्यवस्था को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा स्तर तक विस्तारित करने की है।
  • भारत की वैश्विक प्रगति: मंत्री के अनुसार WHO के रोगी सुरक्षा/फार्माकोविजिलेंस डेटाबेस में भारत का योगदान 2009-14 के दौरान 123वें स्थान से बढ़कर वैश्विक स्तर पर 8वें स्थान पर पहुंच गया है। साथ ही लगभग 25 देश भारतीय फार्माकोपिया को मान्यता देते हैं, जबकि IPC वर्ष 2023 में फार्माकोपियल डिस्कशन ग्रुप का सदस्य बना था।
  • फार्माकोविजिलेंस सप्ताह: 17–23 सितंबर, 2026 तक छठा राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह ‘फार्माकोविजिलेंस के माध्यम से दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देना—सुरक्षित स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक कदम’ थीम के साथ आयोजित किया गया।