स्वदेशी APU की खरीद हेतु ₹586 करोड़ का अनुबंध

  • 22 Sep 2026

21 सितंबर, 2026 को रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के T-72 और T-90 मुख्य युद्धक टैंकों के लिए स्वदेशी ऑक्जिलरी पावर यूनिट (APU) की खरीद हेतु लगभग ₹586 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। यह खरीद बख्तरबंद प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों के स्वदेशीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य तथ्य

  • APU की भूमिका: ऑक्जिलरी पावर यूनिट टैंक के मुख्य इंजन पर निर्भरता कम करते हुए फायर कंट्रोल सिस्टम, फायरिंग सर्किट, गन स्टेबिलाइजेशन सिस्टम और अन्य सहायक उपकरणों को विद्युत शक्ति प्रदान करने का वैकल्पिक स्रोत है।
  • स्वदेशी प्रणाली: स्वदेशी रूप से विकसित APU से भारतीय सेना की मशीनीकृत इकाइयों की परिचालन तत्परता, विश्वसनीयता और स्थायित्व बढ़ने की उम्मीद है।
  • मेक-II परियोजना: APU का विकास रक्षा खरीद की मेक-II श्रेणी के तहत उद्योग-आधारित अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से किया गया है। इस श्रेणी का उद्देश्य भारतीय उद्योग द्वारा रक्षा उपकरणों और प्रणालियों के स्वदेशी विकास को प्रोत्साहित करना है।
  • आत्मनिर्भरता: यह खरीद T-72 और T-90 जैसे प्रमुख बख्तरबंद प्लेटफॉर्म की महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों के स्वदेशीकरण तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की नीति के अनुरूप है।