बायो-ई3 के तहत जैव-आधारित प्लास्टिक का शुभारंभ

  • 25 Sep 2026

24 सितंबर, 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) आधारित जैव-आधारित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के व्यावसायिक उपयोग का औपचारिक शुभारंभ किया।

मुख्य तथ्य

  • बायो-ई3 पहल: परियोजना बलरामपुर चीनी मिल्स द्वारा बायो-ई3 ढांचे के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। बायो-ई3 का अर्थ अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी है।
  • ₹75 करोड़ अनुदान: बिराक ने पीएलए और सह-पॉलिमर अनुसंधान सुविधा के लिए ₹75 करोड़ का अनुदान दिया है। इसकी क्षमता 100 टन प्रतिवर्ष होगी।
  • कुंभी में सुविधा: पायलट अनुसंधान सुविधा कुंभी, उत्तर प्रदेश स्थित बलरामपुर चीनी मिल्स के एकीकृत विनिर्माण परिसर में स्थापित होगी।
  • पॉलीलैक्टिक एसिड: पीएलए एक जैव-आधारित पॉलिमर है, जिसे चीनी जैसे नवीकरणीय जैविक स्रोतों से बनाया जा सकता है। इसका उपयोग जैव-प्लास्टिक और टिकाऊ सामग्री बनाने में किया जाता है।