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फ्रंटियर नागालैंड प्राधिकरण विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी
- 26 Oct 2026
25 अक्टूबर, 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य पूर्वी नागालैंड के छह जिलों को अधिक प्रशासनिक स्वायत्तता प्रदान करना है।
मुख्य तथ्य
- विधानसभा की मंजूरी: नागालैंड विधानसभा ने 3 सितंबर, 2026 को FNTA विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया था।
- प्राधिकरण का उद्देश्य: FNTA पूर्वी नागालैंड के छह जिलों में विकेंद्रीकृत स्वशासन, क्षेत्रीय विकास और स्थानीय निर्णय प्रक्रिया में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए प्रस्तावित है।
- छह जिले: इसके अधिकार क्षेत्र में तुएनसांग, मोन, लोंगलेंग, किफिरे, नोकलाक और शामाटोर शामिल होंगे।
- संवैधानिक आधार: FNTA की व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 371A की भावना के अनुरूप है। नागालैंड को प्राप्त विशेष संवैधानिक संरक्षण यथावत रहेंगे।
- प्रशासनिक अधिकार: प्रस्तावित प्राधिकरण को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और पर्यटन सहित 46 विषयों पर विधायी, कार्यकारी एवं वित्तीय अधिकार दिए जाएँगे।
- प्राधिकरण की संरचना: FNTA में 62 सदस्य होंगे, जिनमें 40 निर्वाचित, 20 पदेन विधायक और राज्यपाल द्वारा नामित दो सदस्य शामिल होंगे।
- महिला आरक्षण: प्राधिकरण की 40 निर्वाचित सीटों में एक-तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। पदेन विधायकों को मतदान का अधिकार नहीं होगा।
- त्रिपक्षीय समझौता: 5 फरवरी, 2026 को केंद्र सरकार, नागालैंड सरकार और ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ENPO) के बीच पूर्वी नागालैंड के छह जिलों को अधिक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वायत्तता देने के लिए फ्रंटियर नागालैंड टेरिटोरियल अथॉरिटी (FNTA) के गठन पर समझौता हुआ था।


