नेपाल में बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणाली का विस्तार

  • 26 Oct 2026

25 अक्टूबर, 2026 को नेपाल सरकार ने छह नदी बेसिनों में बाढ़ चेतावनी प्रणाली के विस्तार और चार हिमनदीय झीलों का जलस्तर घटाने की योजना प्रस्तुत की।

मुख्य तथ्य

  • योजना का उद्देश्य: अगस्त 2026 की विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल ने बाढ़ पूर्वानुमान, आपदा तैयारी और हिमनदीय झीलों से उत्पन्न जोखिम कम करने को प्राथमिकता दी है।
  • बाढ़ चेतावनी परियोजना: ‘प्रायोरिटी रिवर बेसिन फ्लड रिस्क मैनेजमेंट’ परियोजना के तहत छह नदी बेसिनों में पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित की जाएगी।
  • छह नदी बेसिन: मावा-रतुवा, बक्राहा, लखनदेही, पूर्वी राप्ती, पश्चिमी राप्ती और मोहना-खुटिया परियोजना में शामिल हैं।
  • लागत एवं अवधि: वर्ष 2022–2028 की परियोजना के अंतर्गत बाढ़ चेतावनी प्रणाली के लिए लगभग 75.4 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश बताया गया है।
  • चौबीस घंटे निगरानी: मानसून के दौरान मध्य मई से मध्य अक्टूबर तक लगातार बाढ़ पूर्वानुमान और चेतावनी सेवाएँ उपलब्ध कराने की योजना है।
  • GLOF संजीवनी परियोजना: वर्ष 2026–2033 के दौरान चार उच्च जोखिम वाली हिमनदीय झीलों का जलस्तर घटाया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 4.99 करोड़ अमेरिकी डॉलर है।
  • चयनित हिमनदीय झीलें: थुलागी (मनांग), लोअर बरुण (संखुवासभा), लुमडिंग त्शो और होंगू-2 (सोलुखुम्बु) परियोजना में शामिल हैं।
  • आधुनिक तकनीक: नेपाल का जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने के लिए AI, मशीन लर्निंग और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग का उपयोग बढ़ाएगा।
  • पूर्व अनुभव: नेपाल पहले त्सो रोल्पा और इम्जा हिमनदीय झीलों का जलस्तर कम कर चुका है। नई परियोजना में इसी प्रकार के जोखिम-न्यूनीकरण उपाय अपनाए जाएँगे।