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वर्ष 2029 तक चार अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थलों का लक्ष्य
- 26 Oct 2026
24 अक्टूबर, 2026 को इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने चेन्नई के निकट एक दीक्षांत समारोह में वर्ष 2029 तक भारत में चार सक्रिय अंतरिक्ष प्रक्षेपण स्थल विकसित करने की योजना बताई।
मुख्य तथ्य
- प्रक्षेपण क्षमता का विस्तार: इसरो की योजना में तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में नया SSLV परिसर और श्रीहरिकोटा में तीसरा प्रक्षेपण स्थल शामिल है। इससे उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता बढ़ेगी।
- कुलसेकरपट्टिनम अंतरिक्ष केंद्र: तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में लगभग 2,000 एकड़ में विकसित यह केंद्र छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) के लिए समर्पित होगा।
- आधुनिक अवसंरचना: नए केंद्र में यान संयोजन भवन, प्रक्षेपण स्थल, रेल-पटरी प्रणाली तथा टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमान सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।
- चंद्रयान-5 मिशन: जापान की अंतरिक्ष एजेंसी JAXA के सहयोग से प्रस्तावित मिशन में 350 किलोग्राम का रोवर चंद्रमा की सतह पर लगभग 100 दिनों तक वैज्ञानिक प्रयोग करेगा।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी: इसरो का निजीकरण नहीं होगा। हालाँकि, बढ़ती उपग्रह मांग पूरी करने के लिए निजी कंपनियों और स्टार्टअप को तकनीकी सहयोग दिया जाएगा।


