पांडुलिपि संरक्षण हेतु भारत–फ्रांस के बीच समझौता

  • 28 Oct 2026

26 अक्टूबर, 2026 को भारत के संस्कृति मंत्रालय और फ्रांस के राष्ट्रीय पुस्तकालय (BnF) ने पेरिस में भारतीय पांडुलिपियों के संरक्षण, डिजिटलीकरण और अनुसंधान हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

मुख्य तथ्य

  • समझौते के हस्ताक्षरकर्ता: संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और बिब्लियोथेक नेशनेल डी फ्रांस (BnF) के अध्यक्ष गाइल्स पेकौट ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • ज्ञान भारतम् मिशन: यह समझौता ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत भारतीय मूल की पांडुलिपियों और दस्तावेजी विरासत के संरक्षण एवं डिजिटल प्रसार को बढ़ावा देगा।
  • सहयोगी संस्थान: इसमें संस्कृति मंत्रालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार (नई दिल्ली), राष्ट्रीय पुस्तकालय (कोलकाता) और फ्रांस का राष्ट्रीय पुस्तकालय शामिल हैं।
  • सहयोग के पाँच क्षेत्र: डिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी पर साझाकरण, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान, संरक्षण तथा अनुसंधान एवं विकास।
  • पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण: दोनों देश BnF के संग्रह में उपलब्ध भारतीय मूल की पांडुलिपियों की पहचान करेंगे और उनका डिजिटल रूप तैयार करेंगे।
  • तकनीकी सहयोग: भारतीय लिपियों के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR), हस्तलिखित पाठ पहचान (HTR), कैटलॉगिंग मानकों और डिजिटल मानविकी में विशेषज्ञता साझा की जाएगी।
  • शोध एवं प्रशिक्षण: संयुक्त कार्यशालाओं, क्षमता-विकास कार्यक्रमों, शोध, प्रकाशनों, प्रदर्शनियों तथा विशेषज्ञों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया जाएगा।
  • डिजिटल उपलब्धता: ज्ञान भारतम् की राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में भारतीय पांडुलिपियों को सुरक्षित रखकर शोधकर्ताओं को व्यवस्थित और अनुमति-आधारित पहुँच उपलब्ध कराने की परिकल्पना है।
  • ज्ञान भारतम् मिशन: इसकी घोषणा 1 फरवरी, 2025 को केंद्रीय बजट 2025–26 में हुई थी। यह संस्कृति मंत्रालय की पांडुलिपि संरक्षण एवं डिजिटलीकरण संबंधी पहल है।