केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पाँच प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी दी
- 05 Nov 2026
4 नवंबर, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सांख्यिकी, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा भंडारण, अग्निवीरों की सेवा और विशेष अदालतों से संबंधित पाँच प्रस्तावों को मंजूरी दी।
मुख्य तथ्य
1. VISTAR योजना: मंत्रिमंडल ने ₹4,371.10 करोड़ के परिव्यय से ‘विकसित भारत इनिशिएटिव फॉर स्टैटिस्टिकल ट्रांसफॉर्मेशन, एनालिटिक्स एंड रिसर्च’ (VISTAR) योजना को मंजूरी दी।
- योजना अवधि: सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की यह केंद्रीय क्षेत्र योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी।
- प्रमुख प्रावधान: योजना के अंतर्गत 59 सर्वेक्षण, आठवीं आर्थिक गणना, राज्यों की सांख्यिकीय क्षमता का सुदृढ़ीकरण तथा AI आधारित डेटा विश्लेषण प्रस्तावित हैं।
2. महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण: मंत्रिमंडल ने लिथियम और निकेल के घरेलू प्रसंस्करण के लिए ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत व्यय सहायता योजना स्वीकृत की।
- संयंत्र एवं अनुदान: योजना में दो लिथियम और दो निकेल प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना के लिए पात्र निवेश पर 30 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान मिलेगा।
- अधिकतम सहायता: प्रत्येक चयनित लिथियम परियोजना को ₹500 करोड़ और निकेल परियोजना को ₹900 करोड़ तक पूंजीगत सहायता दी जा सकेगी।
- प्रमुख उद्देश्य: वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू योजना इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरियों और रक्षा उद्योग के लिए आयात निर्भरता घटाने पर केंद्रित है।
3. ऊर्जा भंडारण योजना: मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए ₹14,500 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना स्वीकृत की।
- क्षमता का वितरण: योजना में 60 GWh पंप्ड स्टोरेज, 30 GWh बैटरी ऊर्जा भंडारण और 2 GWh वैकल्पिक भंडारण प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं।
- निवेश एवं अवधि: योजना के अंतर्गत लगभग ₹97,600 करोड़ का कुल निवेश अनुमानित है। यह वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू होगी।
- घरेलू विनिर्माण: बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में न्यूनतम 40 प्रतिशत घरेलू सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
4. अग्निवीरों की सेवा अवधि: मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना के अंतर्गत शेष 75 प्रतिशत इच्छुक अग्निवीरों के लिए दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधि स्वीकृत की।
- नियमित नियुक्ति: पहले से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर रक्षा बलों में नियमित सेवा का अवसर मिलेगा।
- नई व्यवस्था: अतिरिक्त दो वर्ष पूरे करने वाले सभी इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने पर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती हो सकेंगे।
- सेवा संबंधी लाभ: अतिरिक्त सेवा अवधि में अग्निवीरों को अधिक पारिश्रमिक, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ दिए जाएंगे।
5. फास्ट ट्रैक विशेष अदालतें: मंत्रिमंडल ने बलात्कार और POCSO मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों (FTSCs) की योजना 31 मार्च, 2031 तक बढ़ाई।
- वित्तीय प्रावधान: योजना का कुल परिव्यय ₹3,788.04 करोड़ है। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी ₹2,353.15 करोड़ और राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की ₹1,434.89 करोड़ है।
- अदालतों का विस्तार: योजना के अंतर्गत विशेष POCSO अदालतों सहित FTSCs की संख्या 779 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है।
- वित्तपोषण: यह केंद्र प्रायोजित योजना है। केंद्र सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी निर्भया कोष से उपलब्ध कराई जाएगी।


