भारतीय नौसेना को सौंपा गया स्वदेशी युद्धपोत ‘अमिनी’

  • 06 Nov 2026

5 नवंबर, 2026 को गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने स्वदेश निर्मित पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत (ASW-SWC) ‘अमिनी’ को भारतीय नौसेना को सौंपा।

मुख्य तथ्य

  • निर्माण एवं डिजाइन: ‘अमिनी’ गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा निर्मित आठ ASW-SWC युद्धपोतों में नौसेना को सौंपा गया पाँचवाँ युद्धपोत है।
  • युद्धपोत की श्रेणी: ‘अमिनी’ पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत (Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft–ASW-SWC) श्रेणी का हिस्सा है।
  • प्रणोदन प्रणाली: ‘अमिनी’ में वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो उथले समुद्री क्षेत्रों में संचालन और तीव्र गति से दिशा बदलने में सहायक है।
  • आधुनिक हथियार: ‘अमिनी’ हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट लॉन्चर, सोनार तथा 30 मिमी नौसैनिक तोप से सुसज्जित है।
  • प्रमुख कार्य: ‘अमिनी’ का उपयोग तटीय निगरानी, पनडुब्बियों का पता लगाने, पनडुब्बी रोधी अभियानों और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने में किया जा सकेगा।
  • स्वदेशी सामग्री: युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, जो घरेलू रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रोत्साहित करता है।
  • नामकरण: युद्धपोत का नाम लक्षद्वीप के अमिनी द्वीप के नाम पर रखा गया है। यह पूर्ववर्ती INS अमिनी की नौसैनिक विरासत को आगे बढ़ाता है।
  • पूर्ववर्ती INS अमिनी: यह पूर्ववर्ती INS अमिनी के नाम को आगे बढ़ाता है। पेट्या-III श्रेणी के उस पनडुब्बी रोधी कॉर्वेट को वर्ष 2002 में सेवामुक्त किया गया था।
  • श्रृंखला में स्थान: ‘अमिनी’ GRSE द्वारा भारतीय नौसेना के लिए बनाए जा रहे आठ ASW-SWC युद्धपोतों में पाँचवाँ है। इसकी सुपुर्दगी चेन्नई में हुई।
  • परियोजना समझौता: रक्षा मंत्रालय और GRSE के बीच आठ ASW-SWC युद्धपोतों के निर्माण का अनुबंध 29 अप्रैल, 2019 को हुआ था।