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‘मदुरै की कहानियां' विषय पर वेबिनार
- 21 Apr 2021
पर्यटन मंत्रालय ने 30 मार्च, 2021 को ‘देखो अपना देश’ अभियान के तहत 'मदुरै की कहानियां' विषय पर वेबिनार आयोजित किया।
महत्वपूर्ण तथ्य: तमिलनाडु के सबसे पुराने शहरों में से एक मदुरै को पहले मधुरापुरी और तुंग नगरम (Thoonga Nagaram) के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ है - शहर जो कभी नहीं सोता है।
- मदुरै, मीनाक्षी अम्मन मंदिर के आसपास विकसित हुआ, जिसका निर्माण 2,500 साल पहले पांडियन राजा, कुलशेखर द्वारा किया गया था। लोकप्रिय रूप से शहर को ‘पूर्व का एथेंस’ कहा जाता है।
- तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में यूनान के यात्री, मेगस्थनीज ने इस शहर का भ्रमण किया था। इस प्राचीन दक्षिण भारतीय शहर का भ्रमण करने वाले अन्य प्रसिद्ध यात्री थे - 77ई. में प्लिनी, 140ई.में टॉलमी, 1203ई. में मार्को पोलो और 1333 ई. में इब्न बतूता।
- भारत में सबसे बड़े मंदिर परिसरों में से एक, श्री मीनाक्षी-सुंदरेश्वर मंदिर (Sri Meenakshi-Sundareswarar Temple) मदुरै का सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल है। द्रविड़ वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण यह मंदिर एक विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है।
- मदुरै अपनी बेहतरीन साड़ियों, लकड़ी के खिलौनों और मूर्तियों के लिए भी जाना जाता है। इसे 'शॉपिंग हब' (hub of shopping) भी कहा जाता है।


