ड्रैगन फ्रूट


विदेशी फलों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, गुजरात और पश्चिम बंगाल से फाइबर और खनिज से समृद्ध, ड्रैगन फ्रूट की खेप को पहली बार 3 अगस्त, 2021 को लंदन, यूनाइटेड किंगडम और बहरीन को निर्यात किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस फल में कमल के समान पंखुड़ियां होती हैं, इसलिए इसे 'कमलम' भी कहा जाता है।

  • ड्रैगन फ्रूट की मुख्य रूप से तीन किस्में होती हैं- गुलाबी परत के साथ सफेद गूदा वाला फल, गुलाबी परत के साथ लाल गूदा वाला फल और पीली परत के साथ सफेद गूदा वाला फल।
  • ड्रैगन फ्रूट का वैज्ञानिक नाम ‘हाइलोसेरेसुंडाटस’ (Hylocereusundatus) है। इसकी पैदावार प्रमुख रूप से मलेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, संयुक्त राज्य अमेरिका और वियतनाम जैसे देशों में की जाती है।
  • भारत में 'ड्रैगन फ्रूट' का उत्पादन 1990 के दशक की शुरुआत में किया गया था। इसका निर्यात मूल्य अधिक होने के कारण हाल के वर्षों में देश में इसकी काफी लोकप्रियता काफी बढ़ी है।
  • वर्तमान में, ड्रैगन फ्रूट की पैदावार अधिकांश रूप से कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में की जाती है।
  • ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए पानी की आवश्यकता कम होती है और इसे विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में उगाया जा सकता है।