बुजुर्गों के लिए जीवन का गुणवत्ता सूचकांक


प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष डॉ. बिबेक देबरॉय ने 11 अगस्त, 2021 को'बुजुर्गों के लिए जीवन का गुणवत्ता सूचकांक' (Quality of Life for Elderly Index) जारी किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह रिपोर्ट भारतीय राज्यों में बढ़ती उम्र के क्षेत्रीय पैटर्न की पहचान करने के साथ-साथ देश में उम्र बढ़ने की समग्र स्थिति का भी आकलन करती है।

  • इस सूचकांक के ढांचे में चार स्तंभ- वित्तीय कल्याण, सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य प्रणाली और आय सुरक्षा शामिल हैं।

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं: स्वास्थ्य प्रणाली स्तंभ का अखिल भारतीय स्तर पर उच्चतम राष्ट्रीय औसत 66.97 तथा सामाजिक कल्याण में यह औसत 62.34 है। वित्तीय कल्याण में यह स्कोर 44.7 रहा है, जो शिक्षा प्राप्ति और रोजगार स्तंभ में 21 राज्यों के कमजोर प्रदर्शन के कारण कम रहा है।

  • राज्यों ने विशेष रूप से आय सुरक्षा स्तंभ में बहुत खराब प्रदर्शन किया है, क्योंकि आधे से अधिक राज्यों में आय सुरक्षा में राष्ट्रीय औसत यानी 33.03 से भी कम प्रदर्शन किया है, जो सभी स्तंभों में सबसे कम है।

बुजुर्ग आबादी वाले शीर्ष राज्य: 1- राजस्थान, 2- महाराष्ट्र, 3- बिहार, 4- तमिलनाडु, 5- मध्य प्रदेश।

अपेक्षाकृत बुजुर्ग आबादी वाले राज्य (Relatively Aged States): 1- हिमाचल प्रदेश, 2- उत्तराखंड, 3- हरियाणा, 4- ओडिशा, 5- झारखंड।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के राज्य: 1- मिजोरम, 2- मेघालय, 3- मणिपुर, 4- असम, 5- सिक्किम।

केंद्र-शासित प्रदेश: 1- चंडीगढ़, 2- दादरा और नगर हवेली, 3- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, 4-

दिल्ली, 5- लक्षद्वीप।