भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग संशोधन अधिनियम 2021


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 18 अगस्त, 2021 को ‘भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग संशोधन अधिनियम 2021’ को अपनी स्वीकृति दे दी है। संसद द्वारा इसे 11 अगस्त, 2021 को पारित किया गया था।

महत्वपूर्ण तथ्य: यह ‘भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम 2020’ में संशोधन करता है।

भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग अधिनियम 2020: इस अधिनियम ने ‘भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद अधिनियम, 1970’ को प्रतिस्थापित किया है।

  • 1970 के अधिनियम में भारतीय चिकित्सा पद्धति (जिसमें आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा शामिल है) की शिक्षा और व्यवसाय को विनियमित करने के लिए ‘भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद’ की स्थापना की गई थी।
  • 2020 के अधिनियम ने भारतीय चिकित्सा पद्धति की शिक्षा और और व्यवसाय को विनियमित करने के लिए परिषद की जगह एक ‘राष्ट्रीय आयोग’ गठित करने का प्रावधान किया है।
  • चूंकि, राष्ट्रीय आयोग की स्थापना में समय लग रहा था, इसलिए 1970 के अधिनियम को 2020 अधिनियम के पारित होने के साथ तुरंत निरस्त नहीं किया गया था।
  • राष्ट्रीय आयोग का गठन 11 जून, 2021 को केंद्रीय परिषद के स्थान पर किया गया था और उसी दिन 1970 के अधिनियम को निरस्त कर दिया गया था।

अन्य तथ्य: 1970 के अधिनियम में यह प्रावधान करने के लिए भी संशोधन किया गया था कि जब तक परिषद का पुनर्गठन नहीं किया जाता, तब तक इसकी शक्तियों का प्रयोग केंद्र सरकार द्वारा गठित ‘बोर्ड ऑफ गवर्नर्स’ द्वारा किया जाएगा।

  • 2021 का विधेयक यह निर्दिष्ट करता है कि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स (1970 के अधिनियम के तहत) की सभी शक्तियां और कार्य 2020 अधिनियम के तहत किए गए माने जाएंगे और लागू रहेंगे।