जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्मित परिसर


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 अगस्त, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जलियांवाला बाग स्मारक के पुनर्निर्मित परिसर को राष्ट्र को समर्पित किया।

नवनिर्मित परिसर की विशेषताएं: 13 अप्रैल, 1919 को घटित विभिन्न घटनाओं को दर्शाने के लिए एक साउंड एंड लाइट शो की व्यवस्था की गई है।

  • इस परिसर में विकास से जुड़ी कई पहल की गई हैं। पंजाब की स्थानीय स्थापत्य शैली के अनुरूप धरोहर संबंधी विस्तृत पुनर्निर्माण कार्य किए गए हैं।
  • शहीदी कुएं की मरम्मत की गई है और नवविकसित उत्तम संरचना के साथ इसका पुनर्निर्माण किया गया है।
  • इस बाग का केंद्रीय स्थल माने जाने वाले ‘ज्वाला स्मारक’ की मरम्मत करने के साथ-साथ इसका पुनर्निर्माण किया गया है, यहां स्थित तालाब को एक ‘लिली तालाब’ के रूप में फिर से विकसित किया गया है।

जलियांवाला बाग स्मारक: 13 अप्रैल, 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी।

  • मोतीलाल नेहरू ने नरसंहार के स्थान पर एक स्मारक बनाने के अभियान का नेतृत्व किया था।
  • कांग्रेस के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने 1951 में जलियांवाला बाग स्मारक की स्थापना की, जिसे पहली बार तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 13 अप्रैल, 1961 को खोला था।