टारबॉल्स

  • 28 Sep 2021

सितंबर 2021 में, महाराष्ट्र में जुहू और वर्सोवा समुद्र तटों पर टारबॉल्स (Tarballs) देखे गए।

  • टारबॉल गहरे रंग के तेल की चिपचिपी गेंदें (balls) होती हैं, जो तब बनती हैं, जब कच्चा तेल समुद्र की सतह पर तैरता है। समुद्री वातावरण में कच्चे तेल के अपक्षय (weathering) से टारबॉल्स बनते हैं।
  • इन्हें समुद्री धाराओं और लहरों द्वारा खुले समुद्र से तटों तक पहुँचाया जाता है। कुछ गेंदें बास्केटबॉल जितनी बड़ी होती हैं, जबकि अन्य छोटी गोलाकार होती हैं।
  • टारबॉल सफाई मशीनरी से चिपक जाते हैं और उन्हें हटाना तथा साफ करना बहुत मुश्किल होता है।
  • हवा और लहरें तेल को छोटे-छोटे टुकड़ों में बाँट देती हैं, जो बहुत व्यापक क्षेत्र में बिखरे होते हैं। विभिन्न भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रियाएं (अपक्षय) तेल की बनावट को बदल देती हैं, जिससे टारबॉल्स निर्मित होते हैं।
  • इस बात का संदेह है कि तेल गहरे समुद्र में बड़े मालवाहक जहाजों से आता है और हवा की गति और दिशा के कारण मानसून के दौरान तारकोल के रूप में किनारे पर धकेल दिया जाता है।