नीति आयोग का बहुआयामी गरीबी सूचकांक


सरकारी थिंक-टैंक नीति आयोग द्वारा पहली बार नवंबर 2021 में जारी बहुआयामी गरीबी सूचकांक (Multidimensional Poverty Index: MPI) के अनुसार, बिहार में सर्वाधिक 50% से अधिक आबादी बहुआयामी रूप से गरीब है।


(Image Source: NITI Aayog and PIB)

महत्वपूर्ण तथ्य: सूचकांक के अनुसार, बिहार में 51.91% आबादी बहुआयामी रूप से गरीब है, इसके बाद झारखंड (42.16%), उत्तर प्रदेश (37.79%), मध्य प्रदेश (36.65%) और मेघालय (32.67%) का स्थान है।

  • दूसरी ओर, केरल में सबसे कम जनसंख्या (0.71%) बहुआयामी रूप से गरीब है, इसके बाद पुडुचेरी (1.72%), लक्षद्वीप (1.82%), गोवा (3.76%) और सिक्किम (3.82%) का स्थान रहा।
  • राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक की यह आधारभूत रिपोर्ट राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की 2015-16 की संदर्भ अवधि पर आधारित है।
  • दादरा और नागर हवेली (27.36%), जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख (12.58 %), दमन और दीव (6.82%) और चंडीगढ़ (5.97%), सबसे गरीब केंद्र-शासित प्रदेश के रूप में उभरे हैं।
  • राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक 'ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट' इनिशिएटिव (OPHI) और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा विकसित विश्व स्तर पर स्वीकृत कार्यप्रणाली का उपयोग करता है।
  • MPI के तीन समान रूप से भारित आयाम हैं - स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर, जो पोषण, स्कूल उपस्थिति, स्कूली शिक्षा के वर्ष, पेयजल, स्वच्छता, आवास, बैंक खाते जैसे 12 संकेतकों द्वारा प्रदर्शित किए जाते हैं।