बिहार सरकार की ‘हर घर गंगाजल’ योजना

  • 06 Dec 2022

27 नवंबर, 2022 को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नालंदा जिले के राजगीर से 'हर घर गंगाजल योजना' का शुभारंभ किया। इस योजना को दिसंबर 2019 में बिहार कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त हुई थी।

  • इस योजना को राज्य सरकार की ‘जल, जीवन, हरियाली योजना’ के तहत आरंभ किया गया है।
  • योजना के तहत गंगा नदी के अधिशेष जल को दक्षिण बिहार के जल संकट वाले क्षेत्रों (मुख्य रूप से शहरों) में ले जाकर पेयजल के रूप में इस्तेमाल करने की अनूठी परिकल्पना पेश की गई है।
  • योजना के तहत, प्रत्येक व्यक्तिगत लाभार्थी को पेयजल तथा घरेलू उद्देश्यों के लिए प्रतिदिन 135 लीटर (दो बड़ी बाल्टी) गंगा जल प्राप्त होगा।

योजना की शुरुआत क्यों की गई है?

  • धार्मिक और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध नालंदा, गया और बोधगया में प्रति वर्ष लाखों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं, किंतु इन शहरों में गर्मियों में पेयजल की कमी हो जाती है।
  • इस परियोजना का उद्देश्य इन्ही दक्षिणी क्षेत्रों में उपचारित गंगा जल की आपूर्ति करना है।

योजना का कार्यान्वयन

  • योजना का पहला चरण 4,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ लागू किया जा रहा है। इस चरण के तहत राजगीर, बोधगया तथा गया में लगभग 7.5 लाख घरों में जल की आपूर्ति हेतु बड़े पंपों के माध्यम से हाथीदह (मोकामा के पास) से जल एकत्र किया जाएगा।
  • एकत्रित जल को आरंभ में राजगीर और गया में जलाशयों में संग्रहीत किया जाएगा। तत्पश्चात, इस जल को तीन उपचार एवं शुद्धिकरण संयंत्रों में भेजा जाएगा।
  • इस योजना के तहत राजगीर शहर के 19 वार्डों के करीब 8031 घरों, गया शहर के 53 वार्डों के करीब 75000 घरों और बोधगया शहर के 19 वार्डों के करीब 6000 घरों में शुद्ध पेयजल के रूप में गंगाजल की आपूर्ति की जाएगी। योजना के तहत प्रतिव्य क्ति प्रतिदिन 135 लीटर शुद्ध जल की आपूर्ति का लक्ष्य है।
  • इस परियोजना के दूसरे चरण के वर्ष 2023 में आरंभ होने की संभावना है। इससे नवादा जनपद को गंगा जल प्रदान किया जाएगा।

महत्व

  • यह प्रथम बार है जब देश में गंगा नदी के बाढ़ के अतिरिक्त जल को पेयजल के रूप में परिवर्तित करके लगभग 7.5 लाख लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
  • बिहार सरकार की ओर से वर्ष 2051 तक की जनसंख्या वृद्धि का अनुमान लगाते हुए इस परियोजना का निर्माण किया गया है। आने वाले समय में इस परियोजना से लगभग 25 लाख से अधिक लोगों को लाभ प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया है।