पीआईबी न्यूज आर्थिक

जी.एन. वाजपेयी समिति


वित्तीय उत्पादों और सेवाओं में वृद्धि करने के उद्देश्य से, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) ने एलआईसी और एसईबीआई के पूर्व अध्यक्ष जी.एन. वाजपेयी की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) से बीमा और पुनर्बीमा व्यवसाय को बढ़ाने के लिए प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करने हेतु एक बीमा समिति का गठन किया है। इस समिति ने नवंबर 2021 में अपनी महत्वपूर्ण सिफारिशें प्रस्तुत की हैं।

(Image Source: ifsca.gov.in)

समिति की महत्वपूर्ण सिफारिशें: IFSCA ने एयरक्राफ्ट लीजिंग और फाइनेंसिंग के लिए इको-सिस्टम विकसित किया है, जिसका उपयोग IFSC में ‘एविएशन इंश्योरेंस हब’ और ‘ट्रेड क्रेडिट इंश्योरेंस’ विकसित करने के लिए किया जा सकता है।

  • कैप्टिव बीमा मॉडल (Captive insurance model) स्वयं के जोखिम को प्रबंधित करने के प्रभावशाली तरीकों में से एक है। इसलिए IFSCA कैप्टिव के संचालन को सक्षम करने हेतु एक नया बुनियादी ढांचा विकसित कर सकता है।
  • IFSCA ने ग्लोबल इन-हाउस केंद्रों (Global In-house centres) के लिए सक्षम ढांचा तैयार किया है जिनका उपयोग (पुनः) बीमाकर्ताओं द्वारा बीमा के लिए सहायक सेवाएं प्रदान करने के लिए किया जा सकता है।
  • बीमा व्यवसाय के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण चालक एवं विश्व स्तर पर प्रचलित ‘प्रीमियम वित्तपोषण’ (premium financing) को IFSC में पेश किया जा सकता है।
  • वैश्विक बाजार के लिए उपलब्ध बीमा से जुड़ी प्रतिभूतियों, आपदा बॉन्ड (Catastrophe bonds) जैसे वैकल्पिक जोखिम हस्तांतरण समाधान तैयार करना।
  • समिति ने प्रवासी भारतीयों की बीमा जरूरतों की मैपिंग और 'हब एंड स्पोक' मॉडल के प्रचार और विकास के माध्यम से ऐसी जरूरतों को पूरा करने की भी सिफारिश की है।

पीआईबी न्यूज आर्थिक

जेएनपीटी बंदरगाह में सड़क कंक्रीटीकरण परियोजना


केन्द्रीय पत्तन, पोत परिवहन, जलमार्ग एवं आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 13 नवंबर, 2021 को जेएनपीटी बंदरगाह में 'सड़क कंक्रीटीकरण परियोजना' (Road Concretization Project) का उद्घाटन किया।

(Image Source: https://timesofindia.indiatimes.com/)

महत्वपूर्ण तथ्य: नवी मुंबई में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) देश का एक प्रमुख ‘कंटेनर हैंडलिंग बंदरगाह’ (container handling port) है।

  • जेएनपीटी की भारत के प्रमुख बंदरगाहों के कुल कंटेनरीकृत कार्गो वॉल्यूम में लगभग 50% हिस्सेदारी है। इसे 26 मई, 1989 को शुरू किया गया था।
  • जेएनपीटी दुनिया के 200 से अधिक बंदरगाहों से जुड़ा है और विश्व स्तर पर शीर्ष 100 कंटेनर बंदरगाहों की सूची में 33वें स्थान पर है।
  • वर्तमान में जेएनपीटी पांच कंटेनर टर्मिनलों को संचालित करता है।
  • वधवान में सैटेलाइट पोर्ट विकसित करने के अलावा जेएनपीटी 4 शुष्क बंदरगाह - जालना, वर्धा, सांगली और नासिक में विकसित कर रहा है।

सामयिक खबरें राष्ट्रीय

आयुष्मान सीएपीएफ योजना


केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 2 नवंबर, 2021 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर 'आयुष्मान सीएपीएफ' योजना स्वास्थ्य कार्ड का शुभारंभ किया।

महत्वपूर्ण तथ्य: दिसंबर 2021 तक लगभग 35 लाख कार्डों का वितरण पूरा किया जाएगा।

  • केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कर्मियों और उनके आश्रितों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए 23 जनवरी, 2021 को असम में पायलट आधार पर 'आयुष्मान सीएपीएफ' योजना शुरू की थी।
  • यह योजना गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की एक संयुक्त पहल है।
  • इस योजना को गृह मंत्रालय के तहत सात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों - असम राइफल्स, सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और सशस्त्र सीमा बल के सभी सेवारत कर्मियों और उनके आश्रितों को कवर करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मी और उनके परिवार अब ‘आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई’ के तहत सूचीबद्ध सभी अस्पतालों में कैशलेस इन-पेशेंट और आउट-पेशेंट स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

पीआईबी न्यूज विज्ञान और तकनीक

बहिर्ग्रह को सटीक रूप से समझने के लिए भारतीय खगोलविदों ने विकसित किया एल्गोरिदम


विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (Indian Institute of Astrophysics: IIA) के खगोलविदों ने एक एल्गोरिदम विकसित किया है, जो संदूषण (contamination) और उपकरणीय प्रभावों तथा अन्य कारकों के कारण होने वाली गड़बड़ी को कम करके ‘बहिर्ग्रह’ (Exoplanets) से डेटा की सटीकता को बढ़ा सकता है।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस एल्गोरिदम को "क्रिटिकल नॉइज ट्रीटमेंट एल्गोरिदम" (Critical noise treatment algorithm) कहा जाता है और यह बेहतर सटीकता के साथ बहिर्ग्रह के पर्यावरण का अध्ययन करने में मदद कर सकती है।

  • खगोलविदों का समूह भारत में उपलब्ध भू-सतह पर आधारित ऑप्टिकल दूरबीनों और अंतरिक्ष दूरबीन ‘ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटेलाइट’ या टीईएसएस द्वारा प्राप्त आंकड़ों का उपयोग कर रहा है।
  • खगोलविदों ने फोटोमेट्रिक ट्रांजिट विधि का पालन करते हुए ग्रह युक्त कई सितारों से फोटोमेट्रिक डेटा प्राप्त किया है।
  • खगोलविदों के अनुसार हालांकि विभिन्न स्रोतों के कारण उत्पन्न शोर से पारगमन संकेत (transit signals) बहुत अधिक प्रभावित होते हैं और जो ग्रहों के भौतिक मापदंडों का सटीक अनुमान लगाने में एक चुनौती भी बनते हैं।
  • टीम ने एक महत्वपूर्ण एल्गोरिदम विकसित किया है, जो जमीन और अंतरिक्ष-आधारित दोनों दूरबीनों द्वारा पता लगाए गए पारगमन संकेतों का पहले से कहीं बेहतर सटीकता के साथ वांच्छित परिष्करण कर सकता है।

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पेसा अधिनियम 1996 के प्रावधानों पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन (


केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने 18 नवंबर, 2021 को नई दिल्ली में संयुक्त रूप से पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996(PESA Act 1996) के प्रावधानों पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।

पेसा अधिनियम 1996: पेसा जनजातीय लोगों के लिए जल, जंगल, जमीन के सिद्धांत की रक्षा करना चाहता है।

  • पेसा "अनुसूचित क्षेत्रों" को कवर करने के लिए भारत सरकार द्वारा अधिनियमित एक कानून है, जो भारतीय संविधान के 73वें संशोधन या पंचायती राज अधिनियम में शामिल नहीं है।
  • ग्राम सभाओं को अपने प्राकृतिक संसाधनों का स्व-शासन करने में सक्षम बनाने के उद्देश्य से इसे 24 दिसंबर, 1996 को अधिनियमित किया गया था। यह पंचायतों से संबंधित संविधान के भाग- IX के प्रावधानों को अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तारित करने के लिए एक अधिनियम है।
  • "अनुसूचित क्षेत्र" का अर्थ संविधान के अनुच्छेद 244 के खंड (1) में निर्दिष्ट अनुसूचित क्षेत्र से है। अधिनियम ने पंचायतों के प्रावधानों को उन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों तक विस्तारित किया है, जिनमें पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र हैं।
  • अनुसूचित क्षेत्र में पंचायतों पर एक राज्य के कानून में सामुदायिक संसाधनों के रीति-रिवाजों, धार्मिक प्रथाओं और पारंपरिक प्रबंधन प्रथाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए।
  • प्रत्येक ग्राम में एक ग्राम सभा होगी, जिसके सदस्य ग्राम स्तर की पंचायतों की निर्वाचक सूची में सम्मिलित होंगे। अनुसूचित क्षेत्रों में खनन लाइसेंस देने के लिए ग्राम सभा की अनुशंसा अनिवार्य है।

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राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021


12 नवंबर, 2021 को देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र - शासित प्रदेशों में ‘राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण 2021’ (National Achievement Survey: NAS 2021) सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

महत्वपूर्ण तथ्य: NAS 2021 सरकारी, निजी सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त संस्थानों सहित सभी प्रबंधन स्कूलों में कक्षा 3, 5, 8 व 10 के बच्चों के लिए आयोजित किया गया।

  • यह राष्ट्रीय स्तर का सर्वेक्षण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा किया गया।
  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा परिकल्पित और संचालित NAS का उद्देश्य सूचनाएं जुटाने की एक प्रक्रिया है कि विद्यार्थी क्या जानते हैं, समझते हैं और अपने शैक्षणिक अनुभवों के परिणामस्वरूप अपने ज्ञान के साथ क्या कर सकते हैं।
  • आकलन के आधार पर, एनसीईआरटी सीखने में कमियों की पहचान करेगा और उपचारात्मक उपायों की सिफारिश करेगा।

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प्रोफेसर बिमल पटेल अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग के लिए चुने गए


भारत के प्रोफेसर बिमल पटेल (Bimal Patel) को 1 जनवरी, 2023 से शुरू होने वाले पांच साल के कार्यकाल के लिए ‘अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग’ (International Law Commission) के लिए चुना गया है।

(Image Source: https://twitter.com/IndiaUNNewYork)

  • वे राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति और भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य हैं।
  • वे गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में निदेशक और भारत के 21वें विधि आयोग के सदस्य भी रह चुके हैं।
  • प्रो. पटेल संयुक्त राष्ट्र महासभा में उपस्थित और मतदान करने वाले 192 सदस्यों में से 163 वोट हासिल कर एशिया-प्रशांत समूह में शीर्ष पर रहे, जिसमें चीन, दक्षिण कोरिया और जापान के उम्मीदवार शामिल थे।
  • अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग की स्थापना 1947 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 'अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रगतिशील विकास और इसके संहिताकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य के लिए अध्ययन शुरू करने और अनुशंसा करने' हेतु की गई थी। अंतरराष्ट्रीय विधि आयोग की संविधि में आयोग में 34 सदस्यों का प्रावधान है।

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दवा क्षेत्र का प्रथम वैश्विक नवाचार शिखर सम्मेलन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 18 नवंबर, 2021 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दो दिवसीय ‘फार्मास्युटिकल या दवा क्षेत्र के प्रथम वैश्विक नवाचार शिखर सम्मेलन’ का उद्घाटन किया।

(Image Source: https://twitter.com/mygovassam)

  • यह एक विशिष्ट पहल है, जिसका उद्देश्य भारत के फार्मास्यूटिकल उद्योग में नवाचार के उत्कृष्ट परिवेश या माहौल को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और रणनीति बनाने के लिए सरकार एवं उद्योग जगत के प्रमुख भारतीय व अंतरराष्ट्रीय हितधारकों, शिक्षाविदों, निवेशकों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाना है।
  • इस शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय फार्मा या दवा उद्योग में उपलब्ध अवसरों पर भी प्रकाश डाला गया।
  • साथ ही नियामकीय माहौल, नवाचार का वित्त पोषण या धनराशि की व्यवस्था करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग और नवाचार संबंधी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं सहित कई विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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अभ्यास 'प्रस्थान'


पश्चिमी नौसेना कमान के मुख्यालय के तत्वावधान में 16 नवंबर, 2021 को मुंबई से दूर अपतटीय विकास क्षेत्र (ODA) में 'प्रस्थान' कोड-नाम से एक अपतटीय सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया।

  • हर छ: महीने में आयोजित होने वाला यह अभ्यास अपतटीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • इसका उद्देश्य अपतटीय विकास क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की आकस्मिक घटनाओं पर एसओपी और कार्रवाइयों को बेहतर करने में भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, तटरक्षक बल, ओएनजीसी, पोर्ट ट्रस्ट, सीमा शुल्क, राज्य मत्स्य पालन विभाग और समुद्री पुलिस सहित सभी समुद्री हितधारकों के प्रयासों को एकीकृत करना है।
  • अभ्यास मुंबई के पश्चिम में लगभग '94 एनएम स्थित ओएनजीसी के एमएचएन प्लेटफॉर्म' पर आयोजित किया गया था।

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विश्व मधुमेह दिवस (14 नवंबर)


2021 का विषय: 'मधुमेह देखभाल तक पहुंच' (Access to diabetes care)

महत्वपूर्ण तथ्य: मधुमेह एक चिरकारी बीमारी (chronic disease) है, जो तब होती है जब अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है, या जब शरीर अपने द्वारा उत्पादित इंसुलिन का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पाता है। इससे रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है (हाइपरग्लाइसीमिया)।

  • टाइप 1 मधुमेह (बचपन में शुरू होने वाले मधुमेह के रूप में जाना जाता था) की विशेषता इंसुलिन उत्पादन में कमी होना है।
  • टाइप 2 मधुमेह (वयस्क की शुरुआत वाले मधुमेह के रूप में जाना जाता था) शरीर द्वारा इंसुलिन के अप्रभावी उपयोग के कारण होता है। यह अक्सर शरीर के अतिरिक्त वजन और शारीरिक निष्क्रियता के परिणामस्वरूप होता है।