सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली व्यापार विशेषाधिकार


  • भारत के लिए सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली (GSP) व्यापार विशेषाधिकार की जल्द बहाली के लिए भारत सरकारद्वारा बाईडेन प्रशासन पर दबाव बनाने की संभावना है।
  • जून, 2019 में यह विशेषाधिकारवाशिंगटन डीसी में निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा वापस ले लिया गया था।

विशेषाधिकार हटाये जाने का कारण

  • भारत ने व्यापार में बाधाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को लागू किया है जो संयुक्त राज्य के वाणिज्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पैदा करते हैं। गहन जुड़ाव के बावजूदभारत जीएसपी की कसौटी पर खरा उतरने के लिए आवश्यक क़दम उठाने में विफल रहा है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका ने अप्रैल, 2018 में जीएसपी बाजार पहुंच मानदंड (GSP market access criterion) के साथ भारत के अनुपालन की पात्रता समीक्षा शुरू की।
  • भारत के विशेषाधिकार की समाप्ति का कारण जीएसपी में इसकी विफलता है, चूंकि भारतसंयुक्त राज्य अमेरिका कोदेश के विभिन्न क्षेत्रों मेंबाजारों को न्यायसंगत और उचित पहुंच प्रदान करने को लेकर आश्वासन देने में विफल रहा।

सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली (Generalized System Of Preferences- GSP)

  • जीएसपी एक अमरीकी व्यापार कार्यक्रम (U.S. trade program) है, जो 129 नामित लाभार्थी देशों से उत्पादों की अधिमान्य शुल्क मुक्त प्रविष्टि (preferential duty-free entry of products) प्रदान करके विकासशील देशों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
  • जीएसपी की स्थापना व्यापार अधिनियम-1974 द्वारा 1 जनवरी, 1976 को की गई थी।
  • इसके अंतर्गत,यदि लाभार्थी विकासशील देश अमरीकी कांग्रेस द्वारा स्थापित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं तोकुछ उत्पाद संयुक्त राज्य में शुल्क मुक्त पहुँच सकते हैं।
  • जीएसपी 31 जुलाई, 2013 को समाप्त हो गया था, इसके बाद पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा ने 29 जून, 2015 को इसे पुनः अधिकृतकर दिया।

उद्देश्य

  • विकासशील देशों से विकसित देशों में निर्यात में बढ़ावा देकर विकासशील देशोंकेविकास में समर्थन देना।

जीएसपी के लिए मानदंड

  • जीएसपी मानदंड में अमेरिकी नागरिकों या निगमों के पक्ष में मनमाने क़ायदे-क़ानूनों का सम्मान करना, बाल श्रम का मुकाबला करना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रमिक अधिकारों का सम्मान करना, पर्याप्त और प्रभावी बौद्धिक संपदा संरक्षण प्रदान करना तथाअमेरिका कोन्यायसंगत और उचित बाजार पहुंच प्रदान करना शामिल है।
  • आर्थिक विकास से संबंधित कारकों के आधार परदेशों को जीएसपी कार्यक्रम में क्रम में रखा जा सकता है।

जीएसपी के तहत आनेवाले उत्पाद

  • इसमें पशुपालन, मांस और मछली पालन और हस्तशिल्प उत्पाद सहित कृषि उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद आम तौर पर विकासशील देशों के विशेष उत्पाद होते हैं।

विश्व व्यापार संगठन (World Trade Organization- WTO) के तहत सामान्यीकृत वरीयता प्रणाली (GSP) और व्यापार व्यवस्था (Trade Arrangement) के बीच अंतर

  • सामान्य व्यापार कानूनों के तहत, विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों को व्यापार भागीदारों को समान प्राथमिकता देनी चाहिए। विभिन्न देशों के बीच कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।
  • विश्व व्यापार संगठन के तहतजीएसपी व्यापार नियम को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) क्लॉज कहा जाता है। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN),किसी विशेष देश के लिए ग़ैर-भेदभाव के साथव्यापारकरने का निर्देश देता है।
  • इसके साथ विश्व व्यापार संगठन अपने सदस्यों को विकासशील देशों से विशेष और उस देश अनुकूल उपचार करने की अनुमति देता है(जैसे- आयात पर शून्य शुल्कदर)। यह मोस्ट फेवर्ड नेशन के लिए एक छूट है। मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN), अमेरिका सहित विकसित देशों द्वारा दिया जाने वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य(Minimum Support Price- MSP) का अपवाद है।

महत्त्व

  • जीएसपी विकासशील देशों को संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ अपने व्यापार को बढ़ाने और विविधता लाने में मदद करके लाभार्थी देशों में सतत विकास को बढ़ावा देता है।
  • जीएसपी कार्यक्रम ग़रीब देशों के उत्पादों के लिए अतिरिक्त लाभ प्रदान करता है।