भारत-पाकिस्तान परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान

  • 02 Jan 2026

1 जनवरी, 2026 को भारत और पाकिस्तान ने परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं के खिलाफ हमले के निषेध पर समझौते के तहत सूची का आदान-प्रदान किया।

मुख्य तथ्य:

  • आदान-प्रदान प्रक्रिया: सूची नई दिल्ली और इस्लामाबाद में कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से एक साथ साझा की गई।
  • समझौते का प्रावधान: दोनों देश हर वर्ष 1 जनवरी को परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं की सूचना देते हैं।
  • समझौते का इतिहास: यह समझौता 31 दिसंबर, 1988 को हस्ताक्षरित और 27 जनवरी, 1991 को लागू हुआ।
  • निरंतरता: यह 35वाँ लगातार आदान-प्रदान है, जो द्विपक्षीय तनावों के बावजूद विश्वास-निर्माण उपाय की स्थिरता दर्शाता है।
  • संस्थागत महत्व: यह प्रक्रिया परमाणु जोखिम न्यूनीकरण और द्विपक्षीय विश्वास-निर्माण में अहम भूमिका निभाती है।
  • भारत-पाकिस्तान परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के निषेध का समझौता : यह एक महत्वपूर्ण विश्वास-निर्माण उपाय (Confidence-Building Measure -CBM) है। समझौता राजीव गांधी और बेनजीर भुट्टो द्वारा 1988 में हस्ताक्षरित हुआ और 1991 से लागू है। इसके तहत दोनों देश युद्धकालीन स्थिति में भी एक-दूसरे की परमाणु सुविधाओं पर हमला न करने की प्रतिबद्धता जताते हैं।