निर्यात संवर्धन मिशन तहत बाज़ार पहुँच दिशा-निर्देश अधिसूचित
- 03 Jan 2026
2 जनवरी, 2026 को सरकार ने MSME निर्यात को मज़बूत करने और व्यापार वित्त तक पहुँच सुधारने के लिए निर्यात संवर्धन मिशन के तहत दो प्रमुख हस्तक्षेप शुरू किए।
मुख्य तथ्य:
- ब्याज सब्सिडी हस्तक्षेप: प्री और पोस्ट शिपमेंट निर्यात ऋण पर ब्याज सब्सिडी दी जाएगी, जिससे कार्यशील पूंजी की लागत कम होगी।
- संपार्श्विक समर्थन: MSME निर्यातकों को बैंक वित्त तक पहुँच आसान बनाने हेतु संपार्श्विक समर्थन प्रदान किया जाएगा।
- पायलट कार्यान्वयन: दोनों हस्तक्षेप पायलट आधार पर लागू होंगे और डेटा-संचालित परिशोधन के साथ निगरानी की जाएगी।
- मिशन का परिव्यय: नवंबर 2024 में अनुमोदित इस मिशन के लिए 2025-26 से 2030-31 तक ₹25,000 करोड़ से अधिक का कुल बजट निर्धारित है।
- उद्देश्य: MSME, प्रथम-बार निर्यातकों और श्रम-गहन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता, बाजार विविधीकरण और मूल्य-वर्धित निर्यात को बढ़ावा देना।
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