भारतीय फार्माकोपिया 2026

  • 03 Jan 2026

2 जनवरी, 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने नई दिल्ली में इंडियन फार्माकोपिया 2026 (10वाँ संस्करण) का विमोचन किया और बताया कि भारत अब WHO फार्माकोविजिलेंस योगदान में विश्व स्तर पर 8वें स्थान पर है, जबकि दस वर्ष पहले यह 123वें स्थान पर था।

मुख्य तथ्य:

  • फार्माकोविजिलेंस प्रगति: भारत ने 2009-2014 में 123वें स्थान से 2025 में 8वें स्थान तक छलांग लगाई; यह उपलब्धि भारतीय फार्माकोपिया आयोग के PvPI कार्यक्रम से संभव हुई।
  • नए मोनोग्राफ: 121 नए मोनोग्राफ जोड़े गए, कुल संख्या 3,340 हुई; इनमें एंटी-टीबी, एंटी-डायबिटिक, एंटी-कैंसर दवाएं और आयरन सप्लीमेंट शामिल हैं।
  • रक्त घटक मोनोग्राफ: पहली बार 20 रक्त घटक मोनोग्राफ जोड़े गए; भारत ऐसा करने वाला पहला देश बना।
  • राष्ट्रीय कार्यक्रमों को लाभ: नए मानक सीधे राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन, एनीमिया मुक्त भारत और सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम को समर्थन देंगे।
  • अंतर्राष्ट्रीय मान्यता: इंडियन फार्माकोपिया अब ग्लोबल साउथ के 19 देशों में मान्यता प्राप्त है; यह स्वास्थ्य कूटनीति का हिस्सा है।
  • फार्माकोविजिलेंस : यह औषधियों के प्रतिकूल प्रभावों (Adverse Drug Reactions - ADRs) की पहचान, आकलन, समझ और रोकथाम से संबंधित विज्ञान है। WHO का विजिबेस विश्व का सबसे बड़ा ADR डेटाबेस है।