रानी वेलु नचियार
- 03 Jan 2026
3 जनवरी, 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी रानी वेलु नचियार को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य तथ्य:
- प्रधानमंत्री के विचार : श्री मोदी ने कहा कि रानी वेलु नचियार ने औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ उठकर भारतीयों के स्व-शासन का अधिकार जताया।
- जन्म और मृत्यु: रानी वेलु नचियार का जन्म 3 जनवरी, 1730 को रामनाड (तमिलनाडु) में हुआ और 25 दिसंबर, 1796 को शिवगंगई में निधन हुआ।
- संघर्ष और विजय: 1772 में पति की मृत्यु के बाद उन्होंने हैदर अली के संरक्षण में सेना तैयार की और 1780 में मरुधू पांड्या भाइयों व कूझैयर की महिला सेना के साथ शिवगंगई पर हमला कर अंग्रेजों को पराजित किया।
- विरासत: भारत की पहली महिला विद्रोही, गनपाउडर आधारित हथियारों का उपयोग करने वाली पहली भारतीय रानी और स्त्री सशक्तिकरण का प्रतीक। उनके सम्मान में स्मारक और 2008 में डाक टिकट जारी किया गया।
- वीरमंगई : रानी वेलु नचियार को "वीरमंगई" कहा जाता है। उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व कर अपना राज्य पुनः प्राप्त किया। उनकी सहयोगी कूझैयर भारत की पहली आत्मघाती योद्धा मानी जाती हैं। वेलु नचियार ने 1780 से 1790 तक शिवगंगई पर शासन किया और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिला नेतृत्व का ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया।
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