लखनऊ बना यूपी का पहला ‘जीरो फ्रेश वेस्ट डंप सिटी’
- 23 Jan 2026
जनवरी 2026 में लखनऊ ने नगरीय ठोस अपशिष्ट का 100% वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत उत्तर प्रदेश का पहला “जीरो फ्रेश वेस्ट डंप” शहर बनने का गौरव प्राप्त किया।
- यह उपलब्धि 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन (TPD) क्षमता वाले शिवरी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र के संचालन के साथ चिह्नित हुई।
- 2 अन्य संयंत्रों के साथ, लखनऊ नगर निगम अब प्रतिदिन 2,100 मीट्रिक टन से अधिक अपशिष्ट का प्रसंस्करण कर सकता है, जो शहर के लगभग 2,000 मीट्रिक टन दैनिक अपशिष्ट उत्पादन को पूरी तरह कवर करता है।
- अपशिष्ट पृथक्करण में 55% जैविक और 45% अकार्बनिक अपशिष्ट शामिल हैं; जैविक अपशिष्ट को खाद और बायोगैस में परिवर्तित किया जाता है, जबकि अकार्बनिक अपशिष्ट को पुनर्नवीनीकरण किया जाता है या रिफ्यूज व्युत्पन्न ईंधन (RDF) में परिवर्तित किया जाता है।
- घरों तक (Door-to-door) अपशिष्ट संग्रहण दक्षता 96.53% तक पहुँच गई है, जबकि स्रोत पर पृथक्करण 70% से अधिक है।
- 18.5 लाख मीट्रिक टन पुराने (legacy) अपशिष्ट में से 12.86 लाख मीट्रिक टन का वैज्ञानिक प्रसंस्करण कर 25 एकड़ से अधिक भूमि की पुनर्बहाली की गई है।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे



