ONGC की AI-आधारित डिजिटल आधुनिकीकरण परियोजना

  • 17 Mar 2026

मार्च 2026 में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) ने कॉर्पोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड (CIPL) के साथ एक डिजिटल आधुनिकीकरण परियोजना शुरू की।

  • परियोजना की लागत: ₹125 करोड़
  • अवधि: 3 वर्ष
  • उद्देश्य: ONGC के दैनिक कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का समावेशन।
  • प्रमुख विशेषताएँ
    • डिजिटल अवसंरचना और नेटवर्क सिस्टम का उन्नयन।
    • डेटा प्रबंधन और साइबर सुरक्षा में सुधार।
    • यह भारत भर में 450 स्थानों को कवर करेगा।
  • तकनीकी उपयोग:
    • पूर्वानुमानित रखरखाव।
    • स्मार्ट स्वचालन।
    • अवसंरचना की निगरानी।
  • तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम लिमिटेड (ONGC) भारत सरकार के स्वामित्व वाली एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।
  • यह देश की सबसे बड़ी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खोज और उत्पादन करने वाली कंपनी है।
  • स्थापना: इसकी स्थापना 14 अगस्त, 1956 को हुई थी।
  • मुख्यालय: इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है।
  • योगदान: यह भारत के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन में लगभग 70% और प्राकृतिक गैस उत्पादन में करीब 84% का योगदान देती है।
  • महारत्न दर्जा: भारत सरकार ने नवंबर 2010 में इसे “महारत्न” का दर्जा दिया था।
  • कार्य और परिचालन:
    • अन्वेषण और उत्पादन: यह भारत के 26 तलछटी बेसिनों में हाइड्रोकार्बन की खोज और निष्कर्षण का कार्य करती है।
    • पाइपलाइन नेटवर्क: कंपनी के पास 11,000 किलोमीटर से अधिक लंबी पाइपलाइनों का नेटवर्क है, जिसका वह स्वयं संचालन करती है।
    • विदेशी संचालन: इसकी सहायक कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) भारत के बाहर तेल और गैस क्षेत्रों में निवेश और उत्पादन करती है।
  • प्रमुख क्षेत्र: मुंबई हाई (अरब सागर) इसका सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है, जिसकी खोज 1974 में की गई थी।