NSO रिपोर्ट: ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2026
- 31 Mar 2026
30 मार्च, 2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने ‘ऊर्जा सांख्यिकी भारत 2026’ (Energy Statistics India 2026) रिपोर्ट जारी की।
- यह रिपोर्ट भारत के ऊर्जा क्षेत्र का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करती है।
मुख्य बिंदु
- कुल प्राथमिक ऊर्जा आपूर्ति (TPES): वित्त वर्ष 2024-25 में इसमें 2.95% की वृद्धि दर्ज की गई। यह 9,32,816 KToE (किलो टन तेल समकक्ष) तक पहुँच गई है।
- नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता: भारत की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 47,04,043 मेगावाट (MW) आंकी गई है।
- कुल क्षमता में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 71% है।
- अग्रणी राज्य: राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और मध्य प्रदेश प्रमुख राज्य हैं।
- स्थापित नवीकरणीय क्षमता: स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता 2016 के 90,134 मेगावाट से बढ़कर 2025 में 2,29,346 मेगावाट हो गई है।
- 10.93% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR)।
- नवीकरणीय बिजली उत्पादन: अक्षय स्रोतों से बिजली उत्पादन 2015-16 के 1,89,314 GWh से बढ़कर 2024-25 में 4,16,823 GWh हो गया।
- ऊर्जा उपभोग प्रवृत्तियाँ: भारत में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 15,296 मेगा जूल (MJ) से बढ़कर 18,096 MJ हो गई है। कुल अंतिम उपभोग- 6,08,578 KToE।
- जीवाश्म ईंधन निर्भरता: ऊर्जा क्षेत्र में अभी भी कोयला सबसे प्रमुख स्रोत बना हुआ है (2024-25 में 5,52,315 KToE)। तेल और गैस की खपत में भी निरंतर वृद्धि देखी जा रही है।
- ऋण प्रवाह: ऊर्जा क्षेत्र में ऋण प्रवाह (Credit flow) 2021 के ₹1,688 करोड़ से बढ़कर 2025 में ₹10,325 करोड़ हो गया है।
- महत्त्व: यह रिपोर्ट आर्थिक प्रगति के साथ बढ़ती ऊर्जा मांग को दर्शाती है।
- यह नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भारत के बढ़ते कदम (Energy Transition) को रेखांकित करती है।
- साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और भविष्य की ऊर्जा योजना के लिए यह डेटा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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