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- 07 Apr 2026
अप्रैल 2026 में, उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षित परिवहन और रोज़गार सृजन के माध्यम से महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘सेफ मोबिलिटी प्रोग्राम’ (Safe Mobility Program) की शुरुआत की।
- यह पहल स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को ई-रिक्शा चालकों के रूप में प्रशिक्षित करने पर दृढ़ता से केंद्रित है, ताकि महिलाओं और लड़कियों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
- शुरुआती चरण में SHG महिलाओं को लगभग 1,000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- इस कार्यक्रम का आगाज़ अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, कौशांबी और झांसी जैसे जिलों में किया गया है तथा भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करने की योजना है।
- यह योजना ‘डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स’ के तकनीकी सहयोग से ‘उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’ के तत्वावधान में लागू की जा रही है।
- इसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं; अब तक 119 महिलाएं स्वावलंबी उद्यमी बन चुकी हैं, 629 ने अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, और 244 ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर लिए हैं।
- महिलाओं द्वारा संचालित यह परिवहन सेवा विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा को एक नया आयाम दे रही है।
- इस पहल से जुड़ने वाली महिलाएं औसतन ₹3 लाख से अधिक सालाना आय अर्जित कर रही हैं, जो सीधे तौर पर उनकी आर्थिक आज़ादी को सुदृढ़ कर रहा है।
- यह कार्यक्रम न केवल आत्मनिर्भरता और ग्रामीण रोज़गार को एक नई दिशा दे रहा है, बल्कि महिलाओं और लड़कियों की शिक्षा एवं कार्यस्थलों तक सुरक्षित पहुँच को भी सुनिश्चित कर रहा है।
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