भारत विश्व का 5वाँ सबसे बड़ा सैन्य व्ययकर्ता
- 28 Apr 2026
27 अप्रैल, 2026 को स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत दुनिया का पाँचवाँ सबसे बड़ा सैन्य व्यय करने वाला देश बन गया।
मुख्य बिंदु
- भारत का रक्षा व्यय:
- वर्ष 2025 में कुल सैन्य व्यय 92.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा।
- रक्षा बजट में 8.9% की वृद्धि दर्ज की गई।
- वैश्विक रैंकिंग:
- भारत पाँचवें स्थान पर रहा।
- शीर्ष पाँच देश: अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी और भारत।
- क्षेत्रीय कारक:
- मई 2025 का भारत–पाकिस्तान संघर्ष प्रमुख कारण माना गया।
- इस संघर्ष में विमान, ड्रोन और मिसाइलों का व्यापक उपयोग हुआ।
- पाकिस्तान का रक्षा व्यय:
- 11% बढ़कर 11.9 बिलियन डॉलर हो गया।
- वृद्धि का मुख्य कारण चीन से विमान और मिसाइलों की खरीद रहा।
- वैश्विक प्रवृत्तियाँ
- विश्व का कुल सैन्य व्यय रिकॉर्ड 2.89 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचा।
- यह लगातार 11वाँ वर्ष है जब रक्षा व्यय में वृद्धि हुई है।
- सैन्य बोझ
- वैश्विक स्तर पर रक्षा व्यय GDP का 2.5% हो गया।
- औसतन सरकारों के बजट का 6.9% हिस्सा सैन्य खर्च पर व्यय किया गया।
- वैश्विक बदलाव
- अमेरिका का व्यय 7.5% घटकर 954 बिलियन डॉलर रहा।
- यूरोप में यूक्रेन संघर्ष के कारण 14% की वृद्धि हुई।
- चीन का रक्षा व्यय 7.4% बढ़कर 336 बिलियन डॉलर हो गया।
- भारत के लिए रणनीतिक निहितार्थ
- यह भारत केसैन्य आधुनिकीकरण और बढ़ती क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को दर्शाता है।
- साथ ही, यह देश की रक्षा तैयारियों में वृद्धि का संकेत देता है।
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