58 कंपनियों को खनिज पुनर्चक्रण के लिए मंजूरी
- 02 May 2026
अप्रैल 2026 में खनन मंत्रालय ने ‘महत्वपूर्ण खनिजों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने हेतु प्रोत्साहन योजना’ (Incentive Scheme for Promotion of Critical Mineral Recycling) के तहत 58 कंपनियों को भागीदारी के लिए पात्र मानते हुए अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्य बिंदु
- योजना का उद्देश्य:
- महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति सुरक्षा को सुदृढ़ करना।
- लिथियम-आयन बैटरियों, ई-वेस्ट और औद्योगिक स्क्रैप से पुनर्चक्रण को प्रोत्साहित करना।
- मिशन ढांचा:
- यह पहल राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन का हिस्सा है।
- योजना का कुल परिव्यय 1,500 करोड़ रुपये है।
- क्रियान्वयन समयरेखा:
- योजना अक्टूबर 2025 में अधिसूचित की गई थी।
- आवेदन की अंतिम तिथि 1 अप्रैल 2026 थी।
- मूल्यांकन प्रक्रिया:
- मूल्यांकन जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान विकास एवं डिजाइन केंद्र द्वारा किया गया।
- अनुमोदन दो चरणों में हुआ; मार्च में 20 कंपनियाँ और अप्रैल में 38 कंपनियाँ।
- उद्योग प्रतिबद्धता:
- संयुक्त पुनर्चक्रण क्षमता लगभग 850 KTPA (किलो टन प्रति वर्ष)।
- कुल निवेश प्रतिबद्धता लगभग 5,000 करोड़ रुपये।
- कवर किए गए प्रमुख क्षेत्र: बैटरी पुनर्चक्रण, ई-वेस्ट प्रसंस्करणएवं औद्योगिक अपशिष्ट सामग्री पुनर्प्राप्ति।
- रणनीतिक महत्व: महत्वपूर्ण खनिजों के लिए आयात निर्भरता में कमी तथा स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और उन्नत विनिर्माण को समर्थन।
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