केंद्र सरकार ने CGSMFI-2.0 योजना का विस्तार किया
- 11 Jun 2026
10 जून, 2026 को केंद्र सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना-2.0 (CGSMFI-2.0) की अवधि 31 अगस्त, 2026 तक अथवा 20,000 करोड़ रुपये मूल्य की गारंटी जारी होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ा दी।
मुख्य बिंदु
- योजना का उद्देश्य: 20 मार्च, 2026 को शुरू की गई यह योजना बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को NBFC-MFIs और MFIs को दिए गए ऋणों पर गारंटी कवर प्रदान करती है, ताकि वे आगे छोटे उधारकर्ताओं को ऋण उपलब्ध करा सकें।
- कार्यान्वयन एजेंसी: गारंटी कवर नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के माध्यम से प्रदान किया जाता है।
- विस्तारित अवधि: अब यह योजना 31 अगस्त, 2026 तक या 20,000 करोड़ रुपये की गारंटी सीमा पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
- बड़े माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए ऋण सीमा में वृद्धि: बड़े आकार के NBFC-MFIs/MFIs के लिए अधिकतम पात्र ऋण राशि 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दी गई है, बशर्ते यह उनकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (AUM) के 20% की समग्र सीमा के भीतर हो।
- लाभार्थी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ‘माइक्रोफाइनेंस’ परिभाषा के अंतर्गत आने वाले मौजूदा एवं नए छोटे उधारकर्ता इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के पात्र हैं।
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे


