सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
सामयिक खबरें
राष्ट्रीय
- राजनीति और प्रशासन
- अवसंरचना
- आंतरिक सुरक्षा
- आदिवासियों से संबंधित मुद्दे
- कमजोर वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएँ
- कार्यकारी और न्यायपालिका
- कार्यक्रम और योजनाएँ
- कृषि
- गरीबी और भूख
- जैवविविधता संरक्षण
- पर्यावरण
- पर्यावरण प्रदूषण, गिरावट और जलवायु परिवर्तन
- पारदर्शिता और जवाबदेही
- बैंकिंग व वित्त
- भारत को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह
- भारतीय अर्थव्यवस्था
- रक्षा और सुरक्षा
- राजव्यवस्था और शासन
- राजव्यवस्था और शासन
- रैंकिंग, रिपोर्ट, सर्वेक्षण और सूचकांक
- विज्ञान और प्रौद्योगिकी
- शिक्षा
- सरकार की नीतियां और हस्तक्षेप
- सांविधिक, विनियामक और अर्ध-न्यायिक निकाय
- स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे
केंद्र सरकार ने CGSMFI-2.0 योजना का विस्तार किया
- 11 Jun 2026
10 जून, 2026 को केंद्र सरकार ने सूक्ष्म वित्त संस्थानों के लिए क्रेडिट गारंटी योजना-2.0 (CGSMFI-2.0) की अवधि 31 अगस्त, 2026 तक अथवा 20,000 करोड़ रुपये मूल्य की गारंटी जारी होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ा दी।
मुख्य बिंदु
- योजना का उद्देश्य: 20 मार्च, 2026 को शुरू की गई यह योजना बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को NBFC-MFIs और MFIs को दिए गए ऋणों पर गारंटी कवर प्रदान करती है, ताकि वे आगे छोटे उधारकर्ताओं को ऋण उपलब्ध करा सकें।
- कार्यान्वयन एजेंसी: गारंटी कवर नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) के माध्यम से प्रदान किया जाता है।
- विस्तारित अवधि: अब यह योजना 31 अगस्त, 2026 तक या 20,000 करोड़ रुपये की गारंटी सीमा पूरी होने तक प्रभावी रहेगी।
- बड़े माइक्रोफाइनेंस संस्थानों के लिए ऋण सीमा में वृद्धि: बड़े आकार के NBFC-MFIs/MFIs के लिए अधिकतम पात्र ऋण राशि 300 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये कर दी गई है, बशर्ते यह उनकी प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों (AUM) के 20% की समग्र सीमा के भीतर हो।
- लाभार्थी: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ‘माइक्रोफाइनेंस’ परिभाषा के अंतर्गत आने वाले मौजूदा एवं नए छोटे उधारकर्ता इस योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के पात्र हैं।


