जिंक-आयन बैटरियों की क्षमता बढ़ाने हेतु नये एडिटिव का विकास
- 19 Jun 2026
जून 2026 में इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST), मोहाली के वैज्ञानिकों ने एक नवीन इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है, जो जलीय जिंक-आयन बैटरियों (Aqueous Zinc-Ion Batteries - AZIBs) के प्रदर्शन, सुरक्षा तथा जीवनकाल में उल्लेखनीय सुधार करता है। यह ऊर्जा भंडारण के लिए एक किफायती एवं सतत समाधान प्रदान करता है।
मुख्य बिंदु
- नवाचार: शोधकर्ताओं ने BDIM [1,3-bis(1,3-dicarboxypropyl)-1H-imidazole-3-ium chloride] नामक एक नवीन इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव विकसित किया है, जो जलीय जिंक-आयन बैटरियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाता है।
- आवश्यकता: जलीय जिंक-आयन बैटरियों को लिथियम-आयन बैटरियों की तुलना में अधिक सुरक्षित एवं सस्ता माना जाता है, किंतु इनमें जिंक डेंड्राइट (Zinc Dendrite) निर्माण, हाइड्रोजन उत्क्रमण अभिक्रिया (HER), संक्षारण (Corrosion) तथा कमजोर चक्रण स्थिरता (Cycling Stability) जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं।
- कार्यप्रणाली: BDIM एडिटिव जिंक की सतह पर अधिशोषित होकर विद्युत-रासायनिक अंतरापृष्ठ (Electrochemical Interface) से जल अणुओं को विस्थापित करता है तथा हाइड्रोजन उत्क्रमण, संक्षारण एवं डेंड्राइट निर्माण को नियंत्रित करता है। इससे बैटरी की स्थिरता और जीवनकाल में वृद्धि होती है।
- अनुप्रयोग: इस प्रौद्योगिकी का उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण, ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों, बैकअप विद्युत समाधान तथा अगली पीढ़ी की रिचार्जेबल बैटरियों में किया जा सकता है।
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