भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल

  • 15 Jul 2026

14 जुलाई, 2026 को केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया के संघर्ष-प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए ‘सीफेयरर-फर्स्ट’ पहल शुरू की।

मुख्य बिंदु

  • उद्देश्य: इस पहल का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  • तात्कालिक निगरानी: नौवहन महानिदेशालय फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी से गुजरने वाले जहाजों पर तैनात भारतीय नाविकों की निगरानी के लिए एक वास्तविक समय आधारित डिजिटल डैशबोर्ड स्थापित करेगा।
  • समन्वित कार्रवाई: विभिन्न मंत्रालय, भारतीय नौसेना तथा ईरान, ओमान और संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय मिशन नाविकों की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे समन्वय करेंगे।
  • संपर्क अधिकारी: क्षेत्र में प्रभावित प्रत्येक भारतीय नाविक की सहायता के लिए समर्पित संपर्क अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
  • जहाज मालिकों की जिम्मेदारी: जहाज मालिकों और भर्ती एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि यात्रा से पहले नाविकों को पर्याप्त जानकारी, सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जाए।
  • पृष्ठभूमि: यह पहल व्यापारिक जहाज एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा पर हुए हमलों के बाद शुरू की गई, जिनमें भारतीय नाविकों की मृत्यु और घायल होने की घटनाएं सामने आई थीं।