सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) का पहला प्रायोगिक संस्करण
- 15 Jul 2026
14 जुलाई, 2026 को केंद्र सरकार ने भारत का पहला प्रायोगिक सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) जारी किया। यह औपचारिक सेवा क्षेत्र की गतिविधियों का मासिक आकलन प्रस्तुत करता है।
मुख्य बिंदु
- पहला सूचकांक: प्रायोगिक सूचकांक में 2024-25 को आधार वर्ष बनाया गया है। इसमें 19 सेवा उप-क्षेत्रों को शामिल करते हुए अप्रैल 2026 की गतिविधियों का आकलन किया गया है।
- दायरा: वर्तमान में यह सूचकांक भारत के औपचारिक सेवा क्षेत्र के लगभग 60% हिस्से को कवर करता है। भविष्य में इसका दायरा बढ़ाकर 85-90% करने की योजना है।
- वृद्धि प्रवृत्ति: 19 में से 14 उप-क्षेत्रों ने अप्रैल 2025 की तुलना में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की।
- शीर्ष प्रदर्शन: आवास और खाद्य सेवाओं में सर्वाधिक 37.2% वृद्धि दर्ज की गई, जबकि खुदरा व्यापार में 30.8% वृद्धि हुई।
- आंकड़ों का स्रोत: यह सूचकांक पूरी तरह प्रशासनिक आंकड़ों, जैसे GST अभिलेखों और सरकारी डेटाबेस, के आधार पर विकसित किया गया है। इससे अनुपालन का अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ेगा।
- भविष्य की योजना: प्रायोगिक श्रृंखला का मूल्यांकन और क्षेत्रीय कवरेज बढ़ाने के बाद एक व्यापक सेवा उत्पादन सूचकांक जारी किया जाएगा।
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