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नीति आयोग ने जैव-अर्थव्यवस्था रोडमैप जारी किया
- 17 Jul 2026
16 जुलाई, 2026 को नीति आयोग ने “2035 तक भारत को अग्रणी जैव-अर्थव्यवस्था शक्ति बनाने का रोडमैप” (Roadmap for Building India as a Leading Bioeconomy Powerhouse by 2035) जारी किया। इसका उद्देश्य वर्ष 2035 तक भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी जैव-अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करना, नवाचार को बढ़ावा देना तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करना है।
मुख्य बिंदु
- वर्ष 2035 तक भारत की जैव-अर्थव्यवस्था का आकार 691 अरब अमेरिकी डॉलर तथा 2047 तक 2.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होने का लक्ष्य रखा गया है।
- वर्ष 2047 तक इस क्षेत्र से भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8–10% योगदान का अनुमान है।
- जैव-प्रौद्योगिकी एवं संबद्ध क्षेत्रों में 3 करोड़ से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
- रोडमैप में 6 राष्ट्रीय जैव मिशनों (BioMissions) का प्रस्ताव है, जिनमें जीन चिकित्सा, सिंथेटिक बायोलॉजी, जलवायु-अनुकूल कृषि, रोग निगरानी, समुद्री जैव-प्रौद्योगिकी तथा जैव-औषधि शामिल हैं।
- अनुसंधान, व्यावसायीकरण एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ₹50,000 करोड़ के जैव-अर्थव्यवस्था विकास कोष का प्रस्ताव किया गया है।
- रोडमैप में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी प्रोत्साहन योजनाएँ, नियामकीय सुधार, त्वरित अनुमोदन तथा बौद्धिक संपदा संरक्षण को मजबूत करने की भी सिफारिश की गई है।


