2030 तक 600 अरब डॉलर का होगा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र
- 17 Jul 2026
16 जुलाई, 2026 को फिक्की (FICCI) और डेलॉयट (Deloitte) की संयुक्त रिपोर्ट में अनुमान व्यक्त किया गया कि मूल्य संवर्धन तथा निर्यात-आधारित विकास के बल पर भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र वर्ष 2030 तक 600 अरब अमेरिकी डॉलर का उद्योग बन सकता है।
मुख्य बिंदु
- वर्ष 2030 तक भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र 600 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है, जिसमें नवाचार, प्रौद्योगिकी तथा मूल्य संवर्धन प्रमुख भूमिका निभाएँगे।
- यह क्षेत्र आपूर्ति-आधारित एवं मात्रा-केंद्रित मॉडल से आगे बढ़कर उपभोक्ता-केंद्रित एवं मूल्य-आधारित विकास मॉडल की ओर अग्रसर है।
- वर्तमान में भारत अपने कुल कृषि उत्पादन का केवल 12–13% ही प्रसंस्कृत करता है, जिससे इस क्षेत्र में व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं।
- स्वास्थ्यवर्धक, सुविधाजनक तथा प्रीमियम खाद्य उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसे ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स का विस्तार भी गति दे रहा है।
- स्वास्थ्य एवं कार्यात्मक खाद्य (Health & Functional Foods) का बाजार प्रतिवर्ष 15–20% की दर से बढ़ रहा है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), परिशुद्धता कृषि (Precision Agriculture), मांग पूर्वानुमान, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स तथा डिजिटल आपूर्ति शृंखला भविष्य में इस क्षेत्र की वृद्धि को गति देंगे।
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