फुटपाथों को सुरक्षित एवं अतिक्रमण-मुक्त रखना अनिवार्य: SC
- 04 Aug 2026
3 अगस्त, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी प्राधिकरणों को पैदल यात्रियों के लिए स्पष्ट रूप से चिह्नित स्थान सुनिश्चित करने तथा उन्हें अतिक्रमण-मुक्त रखने का निर्देश दिया। न्यायालय ने पुनः स्पष्ट किया कि नागरिकों को सुरक्षित एवं निर्बाध फुटपाथों पर चलने का अधिकार प्राप्त है।
मुख्य बिंदु
- पैदल यात्री सुरक्षा: न्यायालय ने कहा कि प्रत्येक सड़क पर पैदल यात्रियों के लिए स्पष्ट रूप से चिह्नित एवं सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होना चाहिए।
- प्रशासनिक जिम्मेदारी: स्थानीय निकायों को नए ढाँचे के निर्माण की अनिवार्यता के बिना मौजूदा पैदल मार्गों की पहचान कर उनका संरक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
- संवैधानिक आधार: यह निर्देश 19 जून, 2026 के उस निर्णय के अनुरूप है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने चिह्नित फुटपाथों पर चलने के अधिकार को मौलिक अधिकार माना था।
- महत्त्व: न्यायालय ने कहा कि सार्वजनिक सड़कें केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए भी समान रूप से उत्तरदायी हैं।
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