सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी का दर्जा
- 19 Aug 2026
18 अगस्त, 2026 को महाराष्ट्र सरकार ने सर्पदंश को अधिसूचित बीमारी घोषित किया, जिसके बाद इसके मामलों की रिपोर्टिंग अनिवार्य हो गई है।
- सभी अस्पतालों, चिकित्सा महाविद्यालयों एवं स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को संदिग्ध या पुष्ट सर्पदंश के मामलों एवं उनसे होने वाली मौतों की रिपोर्ट करनी होगी।
- गंभीर या घातक मामलों की सूचना उपलब्ध संचार प्रणालियों के माध्यम से तत्काल देनी होगी।
- मामलों को स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) एवं एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के माध्यम से दर्ज किया जाएगा।
- इस कदम का उद्देश्य रोग निगरानी को मजबूत करना, समय पर उपचार सुनिश्चित करना तथा एंटी-स्नेक वेनम (ASV) की उपलब्धता में सुधार करना है।
- स्वास्थ्य संस्थानों को प्राप्त, उपयोग किए गए तथा स्टॉक में उपलब्ध ASV की अद्यतन जानकारी रखनी होगी।
- रोगी के रिकॉर्ड में सर्पदंश का विवरण, लक्षण, उपचार, ASV की खुराक, उपचार के परिणाम एवं मृत्यु की जानकारी शामिल होगी।
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