DILRMP 3.0 के परिचालन दिशा-निर्देश जारी
- 11 Sep 2026
10 सितंबर, 2026 को केंद्र सरकार ने नई दिल्ली में ‘डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम' (DILRMP) 3.0, 2026-2031’ के परिचालन दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्य बिंदु
- क्रियान्वयन मंत्रालय: इसका क्रियान्वयन ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधीन भूमि संसाधन विभागद्वारा किया जाएगा।
- मुख्य उद्देश्य: DILRMP 3.0 का उद्देश्य भूमि अभिलेख प्रणालियों का एकीकरण कर नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाना है।
- प्रणाली एकीकरण: कार्यक्रम अलग-अलग डिजिटलीकरण प्रयासों से आगे बढ़कर एकीकृत भूमि प्रशासन पर जोर देता है।
- स्थानिक सटीकता: सटीक स्थानिक डेटा औरजियो-रेफरेंस्ड भूमि मानचित्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- अंतर-संचालनीयता: भूमि डेटाबेस विभिन्न विभागों के बीच निर्बाध सूचना आदान-प्रदान को संभव बनाएंगे।
- डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना: कार्यक्रम भूमि प्रशासन के लिए एकीकृत डिजिटल अवसंरचना स्थापित करने का प्रयास करेगा।
- संस्थागत ऋण: सटीक भूमि अभिलेख संस्थागत ऋण तक आसान पहुंच में सहायक हो सकते हैं।
- नागरिक सेवाएँ: एकीकृत रिकॉर्ड से सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
- क्रियान्वयन क्षेत्र: कार्यक्रम सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होगा।
- वित्तपोषण: DILRMP 3.0 को 100% केंद्रीय वित्तपोषणप्राप्त होगा।
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