स्टेम सेल थेरेपी के नियमन पर स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी

  • 17 Sep 2026

16 सितंबर, 2026 को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘नैदानिक प्रतिष्ठान (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010’ को अपनाने वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्टेम सेल थेरेपी के विनियमन के संबंध में एक एडवाइजरी जारी की।

मुख्य बिंदु

  • मानक उपचार: स्टेम सेल थेरेपी को नियमित चिकित्सा में केवल स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा अनुमोदित रोगों/स्थितियों के लिए ही मानक उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
  • ऑटिज्म के लिए प्रावधान: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) में किसी भी प्रकार की स्टेम सेल थेरेपी का चिकित्सीय उपयोग आवश्यक नियामकीय मंजूरी वाले क्लिनिकल ट्रायल तक सीमित रहेगा।
  • राष्ट्रीय दिशा-निर्देश: यह व्यवस्था ICMR और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा संयुक्त रूप से जारी नेशनल गाइडलाइंस फॉर स्टेम सेल रिसर्च, 2017 के अनुरूप है।
  • सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: एडवाइजरी सुप्रीम कोर्ट के 30 जनवरी, 2026 के यश चैरिटेबल ट्रस्ट एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य मामले के निर्णय के संदर्भ में जारी की गई है।
  • कानूनी कार्रवाई: नियमों के उल्लंघन पर पेशेवर कदाचार के साथ क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट, 2010 की धारा 32 और 40 के तहत पंजीकरण रद्द करने और जुर्माने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
  • NMC की स्थिति: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने 5 सितंबर, 2026 की एडवाइजरी में अनुमोदित स्थितियों से बाहर स्टेम सेल थेरेपी के अनधिकृत उपयोग, प्रिस्क्रिप्शन, प्रचार या विज्ञापन को पेशेवर कदाचार माना है।