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पीएसीएस: ग्रामीण आजीविका का रूपांतरण
- 26 Sep 2026
25 सितंबर 2026 को ओडिशा सरकार ने ‘संबंध’ नामक एक विशाल सदस्यता अभियान शुरू किया, जिसका उद्देश्य राज्य भर में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पीएसीएस) को मजबूत करना है।
पीएसीएस क्या हैं?
- पीएसीएस अल्पकालिक सहकारी ऋण संरचना की जमीनी स्तर की इकाइयाँ हैं।
- ये सीधे ग्रामीण (कृषि) उधारकर्ताओं के बीच कार्य हैं, उन्हें ऋण उपलब्ध कराती हैं, दिए गए ऋणों की वसूली करती हैं तथा वितरण और विपणन संबंधी कार्य भी करती हैं।
ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में पीएसीएस की क्या भूमिका है?
- कृषि ऋण: किसानों को कृषि उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी दर पर कृषि ऋण प्रदान करती हैं।
- कृषि आदानों की आपूर्ति: किसानों को उर्वरक, बीज, कीटनाशक और कृषि उपकरण जैसे कृषि आदान उपलब्ध कराती हैं।
- किसानों की आय में सुधार: किसानों को उनकी कृषि उपज के विपणन में सहायता करती हैं तथा बेहतर बाजार खोजने में सहयोग देती हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ती है और बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है।
- वित्तीय साक्षरता बढ़ाना: किसानों की वित्तीय साक्षरता और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशालाएँ आयोजित करती हैं, जिससे वे वित्तीय निर्णय ले सकें।
- वित्तीय समावेशन को बढ़ावा: किसानों को बचत करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं, उनसे जमा स्वीकार करती हैं, योग्य उधारकर्ताओं को ऋण देती हैं और वसूली करती हैं, जिससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलता है।


