क्वांटम सुरक्षा: TDB और क्यूएनयू लैब्स में ₹150 करोड़ का समझौता

  • 17 Oct 2026

16 अक्टूबर 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने क्वांटम सुरक्षा प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) और क्यूएनयू लैब्स के बीच ₹150 करोड़ के समझौते की घोषणा की।

मुख्य तथ्य

  • परियोजना का उद्देश्य: भारत में स्वदेशी क्वांटम सुरक्षा तकनीक विकसित करना, जिससे संचार, नौवहन और महत्त्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियों को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
  • वित्तीय सहायता: ₹300 करोड़ की परियोजना के लिए TDB, RDI निधि से ₹150 करोड़ देगा। यह सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण (Optionally Convertible Debt) के रूप में मिलेगी।
  • चार प्रमुख स्तंभ: परियोजना पहचान सुरक्षा, स्थान की विश्वसनीयता, नेटवर्क सुरक्षा और सटीक समय निर्धारण पर आधारित है।
  • पहचान सुरक्षा: क्वांटम-सुरक्षित भौतिक रूप से अप्रतिरूपणीय कार्यप्रणाली (Physically Unclonable Function – PUF) और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। ये हार्डवेयर आधारित उपकरण पहचान, प्रमाणीकरण तथा क्रिप्टोग्राफिक कुंजियों की सुरक्षा में सहायक होंगे।
  • स्थानिक अखंडता: कॉम्पैक्ट क्वांटम मैग्नेटोमीटर जैसी तकनीकें विकसित की जाएँगी, जो अत्यंत सूक्ष्म चुंबकीय क्षेत्रों को मापती हैं। इनका उपयोग विद्युतचुंबकीय छेड़छाड़ पहचानने और GPS के बिना वैकल्पिक नौवहन क्षमता विकसित करने में होगा।
  • नेटवर्क सुरक्षा: क्वांटम कुंजी वितरण (Quantum Key Distribution – QKD) से सुरक्षित संचार के लिए गोपनी य कुंजियाँ साझा की जाएँगी। इसमें चिप और उपग्रह आधारित तकनीकें विकसित होंगी।
  • समय निर्धारण: परमाणु घड़ियों (Atomic Clocks) से अत्यंत सटीक और सुरक्षित समय प्रणाली विकसित होगी, जिसका उपयोग बैंकिंग, दूरसंचार और रक्षा क्षेत्रों में होगा।
  • तकनीकी लक्ष्य एवं महत्त्व: परियोजना का लक्ष्य तकनीकों को TRL-4/5 से TRL-9 तक पहुँचाना है। TRL-9 वास्तविक परिचालन परिस्थितियों में प्रमाणित तकनीक का स्तर है। इससे स्वदेशी क्वांटम सुरक्षा प्रणालियों की तैनाती का मार्ग प्रशस्त होगा।