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भारतीय नौसेना का पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत INS समर्थक
- 17 Oct 2026
16 अक्टूबर, 2026 को उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कर्नाटक के कारवार में भारतीय नौसेना के पहले स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत INS समर्थक का शुभारंभ किया।
मुख्य तथ्य
- INS समर्थक: यह भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी बहुउद्देशीय पोत है, जिसे विभिन्न नौसैनिक उपकरणों, हथियारों और उभरती प्रौद्योगिकियों के परीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए विकसित किया गया है।
- स्वदेशी निर्माण: पोत में 75% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इसके निर्माण में निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- प्रमुख उद्देश्य: यह पोत अगली पीढ़ी के हथियारों, सेंसरों और नई नौसैनिक प्रौद्योगिकियों का समुद्री परिस्थितियों में परीक्षण करने के लिए एक विशेष मंच प्रदान करेगा।
- परिचालन क्षमताएँ: INS समर्थक का उपयोग समुद्री निगरानी, टोही, अपतटीय गश्त, लक्ष्य प्रक्षेपण एवं पुनर्प्राप्ति तथा मानवरहित प्रणालियों से संबंधित अभियानों में किया जा सकेगा।
- आपदा राहत: यह पोत मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) अभियानों में भी उपयोगी होगा, जिससे आपात स्थितियों में नौसेना की प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी।
- कारवार का सामरिक महत्त्व: कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में स्थित कारवार का गहरा प्राकृतिक बंदरगाह और अरब सागर से निकटता इसे भारत की पश्चिमी समुद्री सुरक्षा के लिए महत्त्वपूर्ण बनाती है।
- प्रोजेक्ट सीबर्ड: कारवार में इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक नौसैनिक अवसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती, रखरखाव तथा रसद सहायता क्षमता बढ़ेगी।


