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सौराष्ट्र भाषा के लिए भाषिनी-IISc ने विकसित किए AI मॉडल
- 17 Oct 2026
16 अक्टूबर 2026 को भाषिनी ने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के सहयोग से सौराष्ट्र भाषा के लिखित पाठ को आवाज में बदलने वाले AI मॉडल विकसित किए जाने की जानकारी दी।
मुख्य तथ्य
- विकासकर्ता: इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया भाषिनी डिवीजन और IISc बेंगलुरु ने संयुक्त रूप से ये मॉडल विकसित किए हैं।
- मुख्य तकनीक: टेक्स्ट-टू-स्पीच (Text-to-Speech – TTS) तकनीक लिखे हुए शब्दों को आवाज में बदलती है। इससे सौराष्ट्र भाषा की डिजिटल सामग्री सुनना संभव होगा।
- AI मॉडल: मॉडल वीआईटीएस (VITS) तकनीक पर आधारित हैं, जो लिखित पाठ से प्राकृतिक आवाज तैयार करती है। इनमें पुरुष और महिला दोनों आवाजें उपलब्ध हैं।
- चार मॉडल: पुरुष और महिला आवाजों के लिए तमिल तथा सौराष्ट्र, दोनों लिपियों में मॉडल विकसित किए गए हैं। इस प्रकार कुल चार मॉडल हैं।
- प्रशिक्षण डेटा: IISc की स्पायर लैब ने 28 घंटे से अधिक की सौराष्ट्र वाक् रिकॉर्डिंग तैयार की, जिनका उपयोग AI मॉडल को प्रशिक्षित करने में हुआ।
- वाक्य संग्रह: पुरुष आवाज के लिए लगभग 10,000 और महिला आवाज के लिए 11,400 वाक्यों का उपयोग किया गया। इनमें साहित्यिक सामग्री भी शामिल है।
- AIकोष प्लेटफॉर्म: सौराष्ट्र भाषा का स्पिकोर TTS 3.0 वाक् संग्रह (Speech Corpus) AIकोष पर उपलब्ध है, जिसका उपयोग भाषा प्रौद्योगिकी अनुसंधान में किया जा सकेगा।
- सौराष्ट्र भाषा: यह एक हिंद-आर्य भाषा है, जो मुख्यतः तमिलनाडु के सौराष्ट्र समुदाय में बोली जाती है। वर्ष 2011 की जनगणना में इसके लगभग 2.48 लाख वक्ता थे।


