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कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन
- 09 Feb 2021
8 फरवरी, 2021 को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार देश में कृषि मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए, भारत सरकार द्वारा 2014-15 में एक विशेष समर्पित योजना ‘कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (Sub Mission on Agricultural Mechanization- SMAM) शुरू की गई है। उद्देश्य: कस्टम हायरिंग सेंटर्स (सीएचसी) की स्थापना के माध्यम से छोटे और सीमांत किसानों के लिए कृषि मशीनों को सुलभ और सस्ती बनाकर, हाई-टेक और उच्च मूल्य वाले कृषि उपकरण और फार्म मशीनरी बैंकों के लिए केन्द्र बनाकर उन लोगों तक पहुंचाना, जिनकी 'पहुंच से अब तक यह बाहर' है।
महत्वपूर्ण तथ्य: देश भर में स्थित नामित परीक्षण केंद्रों पर मशीनों का प्रदर्शन परीक्षण (performance testing) और प्रमाणन कृषि मशीनरी की गुणवत्ता, प्रभावशीलता और दक्षता सुनिश्चित कर रहा है।
- राज्यों और अन्य कार्यान्वयन संस्थानों को इस योजना के तहत 2014-15 से 2020-21 के दौरान, 4556.93 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।
- अब तक, 13 लाख से अधिक कृषि मशीनों का वितरण किया जा चुका है और 27.5 हजार से अधिक कस्टम हायरिंग संस्थान स्थापित किए गए हैं।
- वर्ष 2021-22 में कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन के लिए 1050 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।


