भालिया किस्म का गेहूं


गेहूं के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए 7 जुलाई, 2021 को, जीआई (भौगोलिक संकेतक) प्रमाणित भालिया (Bhalia) किस्म के गेहूं की पहली खेप गुजरात से केन्या और श्रीलंका को निर्यात की गई।

महत्वपूर्ण तथ्य: जीआई प्रमाणित भालिया गेहूं में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और यह स्वाद में मीठा होता है।

  • भालिया फसल प्रमुख रुप से गुजरात के ‘भाल क्षेत्र’ में पैदा की जाती है। भाल क्षेत्र में अहमदाबाद, आनंद, खेड़ा, भावनगर, सुरेंद्रनगर, भरूच जिले शामिल हैं।
  • गेहूं की इस किस्म की एक विशिष्ट विशेषता यह है कि इसे बारिश के मौसम में बिना सिंचाई के उगाया जाता है और गुजरात में लगभग दो लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में इसकी खेती की जाती है।
  • गेहूं की भालिया किस्म को जुलाई, 2011 में जीआई प्रमाणन प्राप्त हुआ था। जीआई प्रमाणीकरण का पंजीकृत प्रोपराइटर आणंद कृषि विश्वविद्यालय, गुजरात है।
  • 2020-21 में, भारत से गेहूं का निर्यात पिछले वित्त वर्ष में दर्ज किए गए 444 करोड़ रुपये से 808 फीसदी बढ़कर 4034 करोड़ रुपये हो गया।