105वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2021


राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 18 अगस्त, 2021 को ‘105वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2021’ को अपनी स्वीकृति दे दी है।

महत्वपूर्ण तथ्य: संसद द्वारा11 अगस्त को इसे 127वें संविधान संशोधन विधेयक 2021 के रूप में पारित किया था। फिर से संख्या अंकित करने के बाद यह 105वां संविधान संशोधन अधिनियम माना जाएगा।

प्रावधान: संशोधन के अनुसार राष्ट्रपति केवल केंद्र सरकार के उद्देश्यों के लिए सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची को अधिसूचित कर सकते हैं। यह केंद्रीय सूची केंद्र सरकार द्वारा तैयार और अनुरक्षित की जाएगी।

  • इसके अलावा, यह राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की अपनी सूची तैयार करने में सक्षम बनाता है।
  • संविधान का अनुच्छेद- 338B केंद्र और राज्य सरकारों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों को प्रभावित करने वाले सभी प्रमुख नीतिगत मामलों पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) से परामर्श करना अनिवार्य करता है। संशोधन द्वारा राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची तैयार करने से संबंधित मामलों के लिए इस अनिवार्यता से छूट दी गई है।

पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की स्थापना राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 1993 के तहत की गई थी। 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 ने NCBC को संवैधानिक दर्जा दिया था और राष्ट्रपति को सभी उद्देश्यों के लिए किसी भी राज्य या केंद्र-शासित प्रदेश के लिए सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची को अधिसूचित करने का अधिकार दिया था।