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हरित ऊर्जा गलियारा का दूसरा चरण
- 12 Jan 2022
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 6 जनवरी, 2021 को इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम - हरित ऊर्जा गलियारा चरण- II को मंजूरी दे दी है।

(Image Source: https://twitter.com/VMBJP)
महत्वपूर्ण तथ्य: इस योजना में लगभग 10,750 सर्किट किलोमीटर की पारेषण लाइनें और सबस्टेशनों की लगभग 27,500 मेगा वोल्ट-एम्पीयर परिवर्तन क्षमता शामिल होगी।
- यह योजना सात राज्यों में लगभग 20 गीगावाट अक्षय ऊर्जा बिजली परियोजनाओं के ग्रिड एकीकरण और बिजली निकासी की सुविधा प्रदान करेगी।
- ये राज्य हैं गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश।
- योजना (द्वितीय चरण) की कुल अनुमानित लागत 12,031.33 करोड़ रुपए है। इसमें केंद्रीय वित्तीय सहायता परियोजना लागत का 33% होगी, जो कि 3,970.34 करोड़ रुपए है।
- ट्रांसमिशन सिस्टम वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक पांच साल की अवधि में तैयार किए जाएंगे। यह योजना 2030 तक 450 गीगावाट स्थापित अक्षय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगी।


